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एटीएम से पैसे निकालने आया था रीतेश

5 वर्ष पहले
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10-10 लाख रुपए मुआवजे के लिए 6 घंटे बागबेड़ा थाने का किया घेराव

बेकाबू ट्रक ने एक ही झटके में दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली। रविवार की रात टाटानगर रेलवे स्टेशन गोलचक्कर के समीप ट्रक की चपेट में आने से बागबेड़ा कॉलोनी निवासी रीतेश चौबे उर्फ मुकेश चौबे और और ऋषि भूषण साही के परिवार का सहारा छिन गया। रीतेश अभय चौबे के इकलौते पुत्र थे और परिवार चलाने की जिम्मेदारी उसी के कंधे पर थी। साथ ही दिव्यांग पिता का इलाज सीएमसी वेल्लोर में करवा रहा था। छोटी बहन गोल्डी की शादी के लिए वर की तलाश में जुटा था। अपनी मेहनत से दो ऑटो रिक्शा खरीदा था, जिसे ड्राइवर भी चलाते थे और वह खुद भी चलाता था। आटा चक्की स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लोन के लिए आवेदन दिया था। उसकी प्रक्रिया चल रही थी। रीतेश का परिवार किराए के मकान पर रहता था। स्थानीय स्तर पर सामाजिक और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता था।

रविवार शाम बागबेड़ा नेहरू मैदान में सत्य साईं जागरण का आयोजन रीतेश ने अपने मित्रों के साथ मिलकर किया था। रात नौ बजे तक श्रद्धालुओं के बीच भोग का वितरण किया। हादसे में मारे गए उसके दोस्त ऋषि ने रीतेश से स्टेशन चौक से एटीएम से पैसा निकाल कर लाने के लिए कहा। रीतेश ने भोग वितरण करने की बात कह कर जाने से इंकार कर दिया। लेकिन ऋषि जिद करने लगा। इसके बाद ऋषि की बाइक से ही दोनों स्टेशन चौक के लिए रवाना हो गए। रात 11 बजे दोनों स्टेशन चौक पर ट्रक की चपेट में गए।

बागबेड़ा थाना के सामने प्रदर्शन करते लोगों को समझाते डीएसपी विमल कुमार।

रायसन कंपनी में काम करता था ऋषि भूषण

मृतकऋषि भूषण साही सात साल से बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर चार में किराए के घर पर रहता था। वह रायसन कंपनी में काम करता था। उसका पैतृक घर रांची में है। उसके पिता गोपालनाथ साही खेती करते हैं। रितेश चौबे दिन में टेम्पो चलाता था और रात में निजी कंपनी में कार्य करता था। उसके पिता अभय चौबे भी टेम्पो चालक हैं।

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