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पुत्र ने कहा- जब तक मैं ना आऊं, नहीं कराएं पोस्टमार्टम

5 वर्ष पहले
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अभियंता पर अलकतरा घोटाला का था मुकदमा, सीबीआई कर रही थी तलाश

सिटीरिपोर्टर | जमशेदपुर/हजारीबाग

हजारीबागपीडब्ल्यूडी के कनीय अभियंता 53 वर्षीय रामनाथ प्रसाद की संदिग्ध परिस्थिति में मौत गुरुवार को दोपहर में हो गई। वे जमशेदपुर के रहने वाले थे। मौत के बाद विभाग के कर्मचारी सदर अस्पताल हजारीबाग में उनके परिजनों के आने का इंतजार कर रहे थे। जब मृतक के पुत्र को मौत की सूचना दी गई, तो पुत्र ने कहा कि अभी पोस्टमार्टम कराया जाए। मैं जब वहां आऊंगा, तब ही पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद शव को मुर्दा कल्याण समिति के मो. खालिद को सुपुर्द कर दिया गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अभियंता पर अलकतरा घोटाला का मुकदमा भी चल रहा है। इसमें सीबीआई भी इन्हें खोज रही थी। यह मामला जमशेदपुर से ही जुड़ा है।

अस्पतालले जाने के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित किया

इसबाबत अकाउंट क्लर्क साकिर अहमद ने बताया कि प्रसाद ऑफिस गए थे। वहां हाजिरी बनाकर वापस आवास चले आए। कुछ देर बाद उन्होंने स्टाफ लक्ष्मी नारायण को फोन किया कि मेरी तबीयत बिगड़ गई है। जल्दी से गाड़ी भेजिए। सारे लोग उनके घर पहुंचे। उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कर्मियों का कहना है कि रामनाथ प्रसाद विभाग के सरकारी आवास में अकेले रहते थे। अचानक उनके सीने में दर्द उठा था। इससे लगता है कि हृदयगति रुकने से उनकी मौत हुई है।

सदर अस्पताल के चिकित्सक ने कहा कि जब तक पोस्टमार्टम नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी कह पाना मुश्किल है। मौत से पहले अभियंता के मुंह से लगातार झाग निकल रहा था। इससे आशंका और बढ़ गई है। अब परिजनों के पहुंचने का इंतजार है।

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