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कर्मचारियों के एलटीसी मामले पर टाटा वर्कर्स यूनियन खामोश

5 वर्ष पहले
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टाटास्टील के कर्मचारियों के एलटीसी (लीव ट्रेवल एलाउंस) के माले पर टाटा वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) बिल्कुल खामोश है। एलटीसी के तहत कर्मचारियों को दो साल में परिवार के साथ घूमने के लिए बड़ी राशि मिलती है। एलटीसी के मामले पर हुए समझौता की अवधि दिसंबर में समाप्त हो चुकी है। कई कमेटी मेंबर यूनियन नेतृत्व के समक्ष एलटीसी का मामला उठा चुके हैं। यूनियन नेतृत्व फिलहाल इस मामले को टाल रहा है। प्रबंधन से इस पर कब तक वार्ता होगी? कब नया समझौता होगा? उसमें बेहतर होगा अथवा कमतर? कर्मचारी संशय में हैं।

टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव होने के बाद कर्मचारियों के हक में सबसे बड़ा समझौता बोनस का हुआ था। कंपनी लाभ में नहीं हो, तो 8.33 प्रतिशत बोनस मिलता था। यूनियन ने साढ़े आठ प्रतिशत पर बोनस का समझौता कर लिया है। इसी बीच ईएसएस स्कीम भी लागू की गई। ईएसएस हुआ भी। सैकड़ों कर्मचारियों को चार्जशीट मिल चुका है। कई कर्मचारियों को मेडिकल के लिए भेजा गया है। कर्मचारी पुत्र अथवा परिवार के सदस्य को अफसर बनने का अवसर जरूर मिला है, बशर्ते उच्च शैक्षणिक योग्यता रखते हों। ऐसी परिस्थिति में एलटीसी के समझौते पर कर्मचारियों के साथ कमेटी मेंबरों की नजर अटकी हुई है। फिर ईएसएस स्कीम आने वाला है। कुछ कमेटी मेंबर लगातार यूनियन कार्यालय आकर ऑफिस बेयरर्स के सामने आवाज उठा रहे हैं कि कर्मचारी हित से जुड़े मामले पर यूनियन नेतृत्व खामोश है, जबकि प्रबंधन को जो लागू करना है, कर रहा है। ऑफिस बेयरर्स खुल कर कुछ बोलने के बजाए मामले को टाल रहे हैं।

^एलटीसीके मामले पर प्रबंधन के साथ वार्ता शुरू नहीं हुई है। एलटीसी समझौता तनिक देर से होगा, तो भी कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा। पूर्व तिथि से सभी लाभ मिलेंगे, जैसा कि पहले होता रहा है।^ संजीवकुमार चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट, टाटा वर्कर्स यूनियन

जेम्को वर्कर्स यूनियन के चुनाव के फेर में तार कंपनी के नए ग्रेड के कर्मचारियों का वेज रिवीजन फंसा हुआ है। कारण कि जेम्को में नए ग्रेड के कर्मचारियों का वेज रिवीजन लंबित है। अमूमन तार कंपनी में जो समझौता होता है, वही जेम्को में लागू होता है। जेम्को वर्कर्स यूनियन की कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। यही कारण है कि कंपनी प्रबंधन जेम्को वर्कर्स यूनियन के साथ कोई अहम समझौता नहीं करना चाहता।

जीवनयापन करना हो रहा है कठिन

तारकंपनी में 160 ग्रेड के नए कर्मचारी हैं। एक मई 2015 से उनका वेज रिवीजन रुका हुआ है। फिलवक्त नए कर्मचारियों को बेसिक, डीए और एलाउंस मिला कर आठ से नौ हजार रुपए मिल रहे हैं। वर्तमान महंगाई में नए कर्मचारियों के लिए जीवन यापन करना कठिन हो रहा है। नए कर्मचारी लगातार यूनियन के आला अधिकारियों से अनुरोध कर रहे हैं कि उनका वेज रिवीजन जल्द करें। यूनियन चाहती है कि नए कर्मचारियों का कुल वेतनमान न्यूनतम 15 हजार रुपए हो। इधर, जेम्को में भी 50 से अधिक नए कर्मचारी हैं। उनका मामला भी लगभग समान है। तार कंपनी और जेम्को के मामले पर अंतिम फैसला टाटा स्टील के शीर्ष प्रबंधन की सहमति से होता है। टाटा स्टील के शीर्ष प्रबंधन का सुझाव है कि जेम्को वर्कर्स यूनियन का चुनाव हो जाए, तो दोनों कंपनियों के नए कर्मचारियों का एक साथ वेज रिवीजन करना बेहतर होगा।

जीएमसे हुई है कई दौर की वार्ता

^तारकंपनी के नए कर्मचारियों के वेज रिवीजन के लिए यूनियन प्रयासरत है। तार कंपनी के जीएम (एचआरआईआर) अमित सहाय से कई दौर की बात हुई है। प्रबंधन का ऐसा विचार है कि जेम्को वर्कर्स यूनियन का चुनाव हो जाए, तो फिर वेज रिवीजन किया जाए। यद्यपि, यूनियन का सुझाव है कि तार कंपनी के नए कर्मचारियों का वेज रिवीजन कर लें। फिर बाद में वही समझौता जेम्को में करें। वैसे, यह काम सरल नहीं है।^ आशीषअधिकारी, महामंत्री, वायर प्रोडक्ट्स लेबर यूनियन

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