बचेंद्री पाल की मां का टीएमएच में निधन

5 वर्ष पहले
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टाटास्टील एडवेंचर फाउंडेशन की चीफ देश की पहली एवरेस्ट विजेता बचेंद्री पाल की मां हंसा देवी का सोमवार को निधन हो गया। 98 वर्षीय हंसा देवी 15 जनवरी को बाथरूम में गिर गई थीं। उसके बाद से टीएमएच में भर्ती थीं, जहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। हंसा देवी के अंतिम दर्शन के लिए टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) सुनील भास्करन, रवि राधाकृष्णन (चीफ, स्पोर्ट्स एंड एविएशन, टाटा स्टील), पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल, पत्रकार विमल अग्रवाल, टाटा स्टील खेल विभाग के अधिकारी, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के कर्मचारी अन्य लोग पहुंचे। भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर बड़े बेटे बी. सिंह पाल ने हंसा देवी को मुखाग्नि दी। मौके पर बचेंद्री पाल की बहन कमला, उपमा छोटे भाई राजेंद्र सिंह पाल सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे।

मैं मां के बेहद करीब थी- बचेंद्री पाल

मांके निधन से बचेंद्री पाल काफी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि मां की कमी हमेशा खेलेगी। वे अपनी मां के बेहद करीब थी। यही कारण है कि मां को अपने साथ ही रखती थी। उन्होंने कहा कि मां के निधन से जीवन में खालीपन गया है। बचेंद्री पाल ने कहा कि मां इतने वर्षों से साथ थी, लेकिन उन्हें बीमार होते नहीं देखा था।

सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर मां के शव के साथ बचेंद्री पाल, साथ में सुनील भास्करन अन्य।

हंसा देवी।

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