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ज्ञान-विज्ञान के साथ भोजपुरी को स्वस्थ संगीत का माध्यम बनाने का उठाया बीड़ा

5 वर्ष पहले
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भोजपुरीमें वैसा कुछ काम भी हो रहा है, जो इस भाषा के स्वाभिमान को बढ़ाता है। इस भाषा की व्यापकता को देखते हुए कुछ जिद्दी लोगों ने इस भाषा को ज्ञान, विज्ञान और संगीत का माध्यम बनाने का बीड़ा उठाया है। पटना के नीरज अग्रवाल ने कंप्यूटर के सी प्लस-प्लस, पायथन और वर्ड-एक्सेल सरीखे सॉफ्टवेयर को भोजपुरी भाषा में विकसित किया है। एक्सएलआरआई जमशेदपुर में अपने इस कॉन्सेप्ट के बारे में जानकारी देने आए नीरज ने दैनिक भास्कर को बताया कि आज आईटी (इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी) जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है। बकौल नीरज, मैंने आईआईटी मुंबई के आईटी मॉड्यूल को भोजपुरी में डेवलप (विकसित) करने की योजना बनाई है। इस पर काम शुरू हो गया है। शुरुआत जावा और सी प्लस-प्लस से की गई है। आईआईटी मुंबई का यह मॉड्यूल नि:शुल्क उपलब्ध है। कोई भी घर बैठे इस मॉड्यूल के आधार पर आईटी से संबंधित कोर्स कर सकता है। आईआईटी मुंबई और कोल्हान यूनिवर्सिटी के बीच हुए इस करार को ध्यान में रखते हुए मैंने झारखंड में भी इस नई धारणा को मूर्त रूप देने का फैसला किया है, क्योंकि यहां पर भोजपुरी बोलने वाले लोग काफी हैं। कोर्स पूरा करने वालों को आईआईटी मुंबई की ओर से प्रमाण पत्र भी मिलेगा।

बकौल राज- कविगुरु की इस कविता का भाव है-आज मैं बहुत दिनों के बाद तुमसे मिलने आया हूं। घबराओ नहीं, मैं ज्यादा देर तक नहीं रुकूंगा। मैं तुम्हें हंसता हुआ देखकर चला जाऊंगा। इस कविता ने मुझे रवींद्र संगीत सीखने की प्रेरणा दी। मैंने 1994 में गुरु समर सिन्हा जाना से रवींद्र संगीत की शिक्षा प्राप्त की। बंगीय संगीत परिषद (कोलकाता) ने वर्ष 2001 में मुझे संगीत विभाकर सम्मान से नवाजा। भोजपुरी भाषी होने के कारण भोजपुरी गानों के फूहड़पन को लेकर मुझे भी काफी शर्मिंदगी होती थी। भोजपुरी के स्वाभिमान को लौटाने के लिए रवींद्र संगीत को भोजपुरी में अनुवाद करने का फैसला किया। फिलहाल 10 गानों की पहली सीडी गई है। इस शृंखला में और भी गीतों को अनुवाद कर उसे भोजपुरी में गाने की योजना है।

अब तक छह वीडियो तैयार हुए

नीरजने बताया कि अब तक भोजपुरी में उन्होंने छह वीडियो तैयार किए हैं। वीडियो की ब्यूटी यह है कि छात्रों के अलावा घरेलू महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी घर बैठे भोजपुरी में आईटी के विभिन्न कोर्स कर सकते हैं। मॉड्यूल को यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए इसे फेसबुक से भी कनेक्ट करने की योजना है।

कैसेइस्तेमाल कर सकते हैं

बकौलनीरज- भोजपुरी की इस वीडियो को कोई भी ओपन सोर्स लर्निंग मेथड से अपलोड कर सकता है। अपलोड करने के बाद वह अपनी सुविधानुसार मॉड्यूल का चयन कर उसे सीख सकता है। पटना में सीमेज के तहत इस आंदोलन को हम आगे बढ़ा रहे हैं। घर बैठे आईटी का कोर्स कर रहे कई स्टूडेंट्स रियल टाइम प्रोजेक्ट करके पैसा भी कमा रहे हैं।

रवींद्र संगीत को भोजपुरी में गाया राजेंद्र राज ने

भोजपुरीगानों को अश्लीलता और फूहड़पन से बाहर निकालने और उसके स्वाभिमान को लौटाने के लिए परसुडीह के रहने वाले राजेंद्र साह राज ने रवींद्र संगीत को भोजपुरी में गाया है। बताते हैं- वे बलिया के रहने वाले हैं। परसुडीह में बांग्ला समुदाय के लोगों के बीच पले-बढ़े। रवींद्र संगीत के एक गीत ने उन्हें संगीत का दीवाना बना दिया।

नीरज अग्रवाल

राजेन्द्र राज

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