महामंत्री पद का दावेदार हूं : भगवान सिंह
दोसाल बाद टाटा वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) का चुनाव होना है। अगले चुनाव का समय आएगा, तो वर्तमान महामंत्री बीके डिंडा सेवानिवृत्त होंगे। लगातार चार बार महामंत्री रह चुके डिंडा सार्वजनिक तौर पर कई बार घोषणा कर चुके हैं कि वे अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे, को-ऑप्शन के जरिए यूनियन की सियासत में बने रहने का प्रयास करेंगे। 12 साल बाद खाली होने जा रहे महामंत्री के पद पर बहुत लोगों की निगाहें हैं।
इस बाबत यूनियन उपाध्यक्ष भगवान सिंह बोले, अगले चुनाव में वे महामंत्री के पद के लिए दावेदार हैं। यूनियन के वर्तमान पदाधिकारियों में अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को छोड़ दें, तो वे सबसे वरिष्ठ भी हैं। इस नाते भी उनकी दावेदारी बनती है। अगर शहनवाज आलम चुनाव लड़ते हैं, तो वे दावेदारी वापस लेंगे, अन्यथा अगला चुनाव महामंत्री पद के लिए लड़ेंगे। इधर, यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम ने ऐलान किया कि दो साल बाद होने वाले यूनियन के चुनाव में महामंत्री पद के लिए वे भगवान सिंह का समर्थन करेंगे।
कुछऔर पदाधिकारियों की भी है नजर
सिर्फभगवान सिंह ही नहीं, यूनियन के कुछ और पदाधिकारियों की नजर महामंत्री के पद पर है। कई बार ऑफिस बेयरर्स बन चुके शिवेश वर्मा भी टॉप थ्री में शामिल होने के लिए जुगत लगा रहे हैं। चूंकि, महामंत्री का पद रिक्त होगा। इसलिए उसके लिए अभी से गुणा भाग में लग गए हैं। शिवेश वर्मा खुल कर बोलने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में बहुत देर है। जब सही वक्त आएगा, तो परिस्थिति को देखते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा। पिछले यूनियन चुनाव में को-ऑप्शन का प्रस्ताव गिरने के बाद पीएन सिंह चुनाव मैदान से बाहर हो गए थे। आर रवि प्रसाद अध्यक्ष का चुनाव लड़े थे, तो सतीश सिंह महामंत्री और कोषाध्यक्ष के पद के लिए दावेदार थे। टीम को बांधे रखने के लिए सतीश सिंह पीछे हट गए थे। वे महामंत्री के लिए भीतर ही भीतर तैयारी शुरू कर दिए हैं। सतीश सिंह कहते हैं कि अभी कहने का कोई तुक नहीं है। समय आएगा, तो देखा जाएगा। पिछले चुनाव में सर्वाधिक मत पाने वाले यूनियन उपाध्यक्ष अरविंद पांडेय भी महामंत्री के मामले पर विचार कर रहे हैं।
विपक्षमें और भी हैं कई दावेदार
महामंत्रीपद के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष में और भी दावेदार हैं। शैलेश सिंह महामंत्री का चुनाव लड़ने को आतुर हैं। अरुण सिंह ने पिछली बार चुनाव लड़ा था। वे फिर किस्मत आजमा सकते हैं। पूर्व सहायक सचिव आरके सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, आरसी झा, आमोद दुबे, बीबी सिंह, अनिल सिंह, विनोद पांडे समेत लंबी फेहरिश्त है, जो महामंत्री का चुनाव लड़ने के लिए खुद को आंकने में लगे हुए हैं।