री-ऑर्गेनाइजेशन का बेनीफिट फिर होगा तय
टाटावर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) के आॅफिस बेयरर्स की बैठक डेढ़ घंटे तक शनिवार को यूनियन के वीआईपी रूम में हुई। इसमें री-ऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट फिर से तय करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि पहले कर्मचारियों को री-ऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट तीन प्रतिशत मिलता था, लेकिन वर्ष 2013 में पीएन सिंह के कार्यकाल में फिर से तय किया गया था। इसमें री-ऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट को तीन प्रतिशत से खत्म कर न्यूनतम 175 रुपए और अधिकतम 440 रुपए कर दिया गया था।
वर्तमान में कई विभागों के री-ऑर्गेनाइजेशन पर यूनियन की टाटा स्टील प्रबंधन से बातचीत चल रही है। इसके लिए री-ऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट की राशि फिर से तय करने की मांग कंपनी प्रबंधन से यूनियन ने करने का निर्णय लिया है। फरवरी के अंत तक री-ऑर्गेनाइजेशन बेनीफिट तय करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी विभाग का बेनीफिट फिर से तय किया जाएगा।
सर्विस पूल का आईबी काटने का उठा मामला
सर्विसपूल के कर्मचारियों का आईबी काटे जाने का मामला भी उठा। इस पर वीपी (एचआरएम) के आने पर यूनियन उनसे बातचीत करेगी। एचएसएम, न्यू बार मिल, डब्ल्यूआरएम, एलडी-1, एलडी-2 और मर्चेंट मिल का आईबी मार्च तक तय कर लेना है। प्रबंधन से सीएमजी के बेनीफिट पर भी प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। टीसीवीपी कोर्स को फिर से चालू करने पर बात की जाएगी। उक्त कोर्स करके कर्मचारी जूनियर एसोसिएट से प्रमोशन पाकर एसोसिएट बनते थे। कई वर्षों से यह कोर्स बंद कर दिया गया है। फोरमैनशिप का कोर्स भी कंपनी प्रबंधन ने बंद कर दिया है, जिसे फिर से शुरू करने के लिए बातचीत करने का निर्णय लिया गया है। ग्रुप-1 से ग्रुप-2 और ग्रुप-2 से ग्रुप-3 में जाने के लिए कोर्स शुरू करने हेतु भी प्रबंधन से बात की जाएगी। बैठक में सहायक सचिव डी के उपाध्याय और के के सिंह को छोड़कर सभी ऑफिस बेयरर्स उपस्थित थे।