बिना डिग्री-डिप्लोमा के अब नहीं बेच सकेंगे खाद
अब वैसे व्यापारी खाद, कीटनाशक दवाएं नहीं बेच सकेंगे, जिनके पास कृषि, रसायन विज्ञान या कृषि विज्ञान में डिग्री या डिप्लोमा हो। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 10 अक्टूबर 2015 और 5 नवंबर को जारी राजपत्रों में इस आदेश का प्रकाशन किया है। सरकार ने इन उत्पादों का अवैध कारोबार करने वालों पर लगाम लगाने के लिए निर्देश जारी किया है। कारोबार से जुड़े अधिकतर व्यापारी सरकारी लाइसेंस लेकर खाद-कीटनाशक दवा बेच रहे हैं। लेकिन, सरकारी फरमान से इस धंधे से जुड़े व्यापारियों में खलबली मच गई है। वे इसके विरोध में लामबंद होकर आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
कई कारोबारी हाेंगे प्रभावित
केंद्रसरकार के इस निर्णय से कई व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा। प्रदेश में 20 हजार से अधिक व्यापारी लाइसेंस लेकर खाद,बीज और कीटनाशक का थोक कारोबार करते हैं। जबकि, पूर्वी सिंहभूम जिले में 1000 लाइसेंसधारी दुकानदार हैं। इनके माध्यम से हजारों छोटे दुकानदार आजीविका चलाते हैं। लाइसेंस लेने का नियम सरकार ने वापस नहीं लिया तो खाद-कीटनाशकों की अधिकतर दुकानों पर ताले लग जाएंगे।
डिग्री लेना मुश्किल
बीससाल से कृषि का कारोबार करते हैं। खाद और कीटनाशक की दुकान चलाते हैं। अब डिग्री लेने की बात कही जा रही है। इतने उम्र में डिग्री हासिल करना भी मुश्किल है। सरकार को पुनर्विचार करने की जरूरत है। संतोखसिंह, दुकानदार