देश में 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगे
देशमें अभी परमाणु ऊर्जा से 5 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सब कुछ योजनानुसार आगे बढ़ा, तो एक दशक के बाद भारत में यूरेनियम से 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी। यह कहना है यूसील (यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) के सीएमडी दिवाकर आचार्या का। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि झारखंड में परमाणु बिजली संयंत्र की स्थापना पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। तकनीकी विशेषज्ञ ही अंतिम फैसला ले सकते हैं। न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए अधिक जमीन और पानी चाहिए। इसके लिए समुद्री किनारा सबसे बेहतर समझा जाता है। चूंकि, वे (दिवाकर आचार्या) झारखंड के हैं। इसलिए झारखंड में पावर प्लांट लगने की तनिक भी संभावना होगी, तो जरूर प्रयास करेंगे।
फाइल फोटो।
आंध्र में यूरेनियम मिल में सुधार होगा
आचार्याने कहा कि आंध्र प्रदेश के कडप्पा के नजदीक तुमलापल्ली में यूसील की यूरेनियम मिल में तनिक सुधार होगा। वहां उत्पादन के अंतिम चरण की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया जा रहा है। वहां जल्द उत्पादन शुरू हो जाएगा।
एचसीएल संग अपनी खान साझा नहीं करेंगे
आचार्याने कहा कि राखा कॉपर की खदान यूसील की है। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) भी वहां खनन करना चाहता हैए लेकिन हम एचसीएल के साथ खान को साझा नहीं करेंगे। यूरेनियम से संबंधित कानून इसकी इजाजत देता है और ना ही सेफ्टी एवं लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह सही होगा।
दिवाकर आचार्या ने कहा कि सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी) के तहत खदान के पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों में कई तरह के कार्य किए जा रहे हैं। आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण देकर युवाओं का कौशल विकास किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार की गई हैं।
चार साल बाद मेघालय में यूरेनियम का खनन
यूसीलसीएमडी ने कहा कि तीन से चार साल बाद मेघालय के पश्चिमी खासी हिल में यूरेनियम का खनन होगा। जमीन के मसले पर वार्ता हो गई है। पर्यावरणीय स्वीकृति भी मिली हुई है। कुछ और काम हैं। उसे पूरा करने के बाद मेघालय में यूरेनियम का खनन होगा। इसका दूरगामी लाभ होगा।
दिवाकर आचार्या