सिविल सर्जन ऑफिस क्लर्क ने लगाया कमीशनखोरी का आरोप

4 वर्ष पहले
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पूर्वीसिंहभूम जिला सिविल सर्जन कार्यालय में क्लर्कों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व सिविल सर्जन काला चांद सिंह मुंडा ने सरकार को पत्र लिखकर यह जानकारी दी थी कि असाध्य रोग मद में सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि में 1.19 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इसकी लिखित शिकायत पूर्व सिविल सर्जन ने अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग से की थी। पूर्व सिविल सर्जन डॉ श्याम कुमार झा कार्यालय के लिपिक रवींद्र कुमार पर गबन का आरोप लगाया है।

^सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद का कहना है कि कार्यालय के कर्मचारियों के बीच कम्यूनिकेशन गैप हो गया है। आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कमीशन का खेल का आरोप लगाया जा रहा है तो इसको भी देखा जाएगा। -सिविल सर्जन

^सिविल सर्जनके प्रधान लिपिक विनोद शंकर शर्मा का कहना है कि कमीशन का कोई खेल सिविल सर्जन कार्यालय में नहीं होता है। कभी किसी से कमीशन मांगा ही नहीं है।

- सिविलसर्जन के प्रधान लिपिक

कमीशन मांगा जाता है नहीं दिया तो परेशान करने लगे : रवींद्र

सिविलसर्जन कार्यालय के क्लर्क रवींद्र कुमार का आरोप है कि रविन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कार्यालय में कमीशन देने का दबाव दिया जाता है। इसके एवज में राशि की मांग की जाती है तो कभी गाड़ी का हवाला देकर कमीशन की मांग की जाती है। प्रधान लिपिक विनोद शंकर शर्मा पूर्व सिविल सर्जन के नाम पर कमीशन देने के लिए दबाव डालते थे। पूर्व सिविल सर्जन को क्रेटा गाड़ी देने का हवाला देकर है पैसे की मांग की थी।

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