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कर्मचारियों पर नहीं बढ़ेगा वर्क लोड काम में समरूपता पारदर्शिता होगी

5 वर्ष पहले
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कर्मियों की ही नहीं, अधिकारियों के परफॉर्मेंस पर भी नजर

{तोते गुट के 12 पदाधिकारियों ने लिया भाग

{महामंत्री-अध्यक्ष समेत छह पदाधिकारियों ने कार्यशाला का किया बहिष्कार

{ शहर से बाहर होने के कारण दो पदाधिकारी नहीं हुए शामिल

सिटीरिपोर्टर | जमशेदपुर

टेल्कोवर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष-महामंत्री के बहिष्कार के बावजूद सोमवार को टेल्को के मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर (एमटीसी) में मोस्ट (मेनर्ड ऑपरेशन सीक्वेंस टेक्नीक) की कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का उदघाटन टाटा मोटर्स के जीएम (आईआर) सुमंत कुमार सिन्हा, जीएम (एचआर) रवि सिंह, डीजीएम अमिय सिंघा और आईआर पदाधिकारी केशव मणि ने किया।

उन्होंने इस प्रोग्राम के ट्रेनर अतुल बडवे का परिचय कराया और सारे ऑफिस बेयरर्स से कहा कि वे खुल कर मोस्ट के विभिन्न पहलुओं के बारे में ट्रेनर से सवाल पूछें, ताकि इस प्रोग्राम को लेकर व्याप्त भ्रांतियां खत्म हो सके। सुमंत सिन्हा ने बताया कि पहले चरण में यह प्रशिक्षण यूनियन पदाधिकारियों, दूसरे चरण में कमेटी मेंबरों और अंत में सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि सभी इस प्रोग्राम के बारे में जान सकें। सिन्हा ने कहा कि यूनियन की ओर से लंबे अर्से से मांग की जा रही थी कि मोस्ट के बारे में प्रशिक्षण प्रोग्राम आयोजित हो। उन्होंने कहा कि कंपनी की कार्यपद्धति में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है। बाजार की स्थिति को देखते हुए यह परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला पदाधिकारियों और मजदूरों में व्याप्त भ्रांति को खत्म कर सकेगी। एचआर हेड रवि सिंह ने खुलकर बात करने पर जोर दिया। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में तोते गुट के 12 पदाधिकारियों ने भाग लिया। दो पदाधिकारी मनोज कुमार और प्रवीण कुमार शहर से बाहर होने की वजह से कार्यशाला में शामिल नहीं हो सके। आकाश दुबे और कैसर खान समेत अध्यक्ष अमलेश कुमार, महामंत्री प्रकाश कुमार, आरके सिंह, सुभाष राय, डीडी महंती और नवीन कुमार प्रोग्राम में शामिल नहीं हुए।

मोस्ट के ट्रेनर अतुल बडवे ने यूनियन पदाधिकारियों को बताया कि मोस्ट कोई नया सिस्टम नहीं है। 1970 में अमेरिका में सबसे पहले आया। भारत में 27 साल पहले महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने मोस्ट को अपनी कंपनी में लागू किया। आज भारत के सभी ऑटोमोबाइल सेक्टर में मोस्ट लागू है। भारत में 300 कंपनियों ने इस सिस्टम के आधार पर अपनी उत्पादकता और कार्यशैली को बदला है। इस प्रोग्राम का जोर काम में समरूपता और पारदर्शिता लाने पर होता है।

टेल्को एमटीसी में प्रशिक्षण लेने जाते गुरमीत सिंह तोते और उनके समर्थक ऑफिस बेयरर्स।

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