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लक्ष्मी को अस्पताल से ले जाने का परिजन पर दबाव बनाया

4 वर्ष पहले
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{जिप सदस्य की पहल पर दोबारा इलाज शुरू

{गौरी की मौत को लेकर कई सामाजिक संगठन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

सिटीरिपोर्टर|जमशेदपुर

छोटागोविंदपुर की शंकरपुर बस्ती निवासी रेणु देवी की पुत्री लक्ष्मी कुमारी की तबीयत अभी ठीक भी नहीं हुई थी, लेकिन एमजीएम अस्पताल के डॉक्टर ने उसे छुट्टी दे दी। साथ ही परिजनों पर मरीज को फौरन घर ले जाने का दबाव डालने लगे। इसकी सूचना जिप सदस्य सुनीता साह को मिली, तो उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ भारतेंदू भूषण से बातचीत की। इसके बाद डिस्चार्ज पेपर वापस लेकर दोबारा लक्ष्मी का इलाज शुरू किया गया।

मरीज के चाचा अमर कुमार ने बताया- शुक्रवार सुबह डॉक्टर ने लक्ष्मी को छुट्टी दे दी और उसे घर ले जाने के लिए दबाव डालने लगे। लेकिन लक्ष्मी की तबीयत अभी ठीक नहीं हुई है। डॉक्टर ने लक्ष्मी को ब्लड चढ़ाने के बाद सफाई करने की बात कही थी। हमने ब्लड आकर जमा कर दिया है। इसके बिना ब्लड चढ़ाए और सफाई किए लक्ष्मी को छुट्टी दे दी गई। बाद में जिला पार्षद सुनीता साह की पहल पर दोबारा लक्ष्मी का इलाज शुरू किया गया। विदित हो कि लक्ष्मी की छोटी बहन गौरी कुमारी (13 वर्ष) की एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान 16 जुलाई को मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उसकी मौत का कारण अभी तक नहीं बताया है।

गौरीकी मौत की जांच की मांग : गौरीकुमारी (13 वर्ष) की मौत को लेकर कई सामाजिक संगठन आगे आए हैं।

संपूर्ण घाघीडीह विकास समिति के महामंत्री कृष्णा चंद्र पात्रो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि खासमहल स्थित सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण बागबेड़ा गोल्टू झोपड़ी निवासी रुक्मिणी दास की मौत की अभी जांच भी नहीं हुई कि एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गोविंदपुर निवासी गौरी कुमारी की मौत हो गई। पात्रो ने कहा- डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही आए दिन मरीजों की मौत हो रही है।

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