युवक ने वाट्सएप पर फैलाई थी बच्चा चोरी की अफवाह

5 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. सबसे पहले जादूगोड़ा के सौरभ कुमार ने वाट्सएप पर बच्चा चोर की अफवाह फैलाई। फिर वाट्सएप के 40 ग्रुप में इसे एक साथ प्रसारित किया गया। वाट्सएप ग्रुप में आधे से अधिक लोग देहाती थे। इसलिए यह अफवाह तेजी से फैल गई। लगातार सात दिन तक सोशल मीडिया को खंगालने के बाद पुलिस ने बच्चा चोर की अफवाह का राज ढूंढ लिया। सौरभ के अलावा दो और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संभवत: बुधवार को उन्हें जेल भेजा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, 11 मई को जादूगोड़ा के सौरभ ने गांवों में बच्चा चोर के घूमने की बात वाट्सएप पर जादूगोड़ा के ही एस. अग्रवाल को भेजी थी। फिर एस. अग्रवाल ने वह संदेश दनादन इधर-उधर भेज दिया। इसमें एस. गुप्ता ने उनका साथ दिया। पोटका के रहने वाले बी. केसरी ने भी जाने- अनजाने बच्चा चोर की अफवाह को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
 
वह वाट्सएप पर एक साथ 40 ग्रुप चलाता है। एक साथ कई ग्रुप में यह बात गई तो बात बिगड़ती चली गई। संदेश के साथ चेन्नई की बहुत पुरानी तस्वीर को जोड़ा गया था। नतीजतन, लोगों ने बच्चा चोर को पकड़ने के लिए रतजगा शुरू कर दिया। इस अफवाह में शोभापुर और नागाडीह कांड हुआ। एसएसपी के आदेश पर एक टीम सोशल मीडिया को खंगालने में लगी रही। सबूत मिले तो आरोपियों को गिरफ्त में लिया गया।
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