जमशेदपुर. कोल्हान यूनिवर्सिटी (केयू) की परीक्षा में अब परीक्षार्थी नकल नहीं कर सकेंगे। जो जितना पढ़ेगा, उसे उतनी ही नंबर मिलेगा। यह व्यवस्था देश की सभी यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में नकल रोकने और मोबाइल का उपयोग बंद करने के लिए यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) ने नीति बनाई है।
इसके अनुसार यूनिवर्सिटी के अलावा जिन कॉलेजों में परीक्षाएं होती हैं, वहां परीक्षा हॉल में लो-पावर जैमर लगाए जाएंगे। इस आशय से यूजीसी ने कोल्हान सहित देशभर के विश्वविद्यालयों को अवगत करा दिया है। हालांकि अभी इसमें समय सीमा तय नहीं की गई है कि यह व्यवस्था कब से लागू की जाए।
यूजीसी के पत्र में यह भी निर्देश है कि जैमर लगाने से पहले इसकी अनुमति लेनी होगी और जो नियम है, उसका पालन भी करना होगा। जैमर किससे लगवाए जाएंगे, इसके लिए भी यूजीसी ने मानदंड किए हैं। उधर, यूनिवर्सिटी के अधिकारी और कॉलेज संचालकों का कहना है कि नकल रोकने के लिए यह नीति अच्छी है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर साल 400 से ज्यादा परीक्षाएं होती हैं। वर्कर्स, करीम, ग्रेजुएट, को-ऑपरेटिव समेत कई कॉलेज ऐसे हैं, जहां हर महीने परीक्षा होती है, ऐसे में यह संभव कैसे होगा। दूसरा यह कि जैमर का खर्च कौन वहन करेगा।