जमशेदपुर/चाईबासा. डीआरडीए कार्यालय (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) के लेखा सहायक राजीव कुमार सिन्हा (52 वर्ष) ने शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान ऑफिस में ही सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। घटना दिन के करीब 11.30 बजे की है। वे आदित्यपुर के रहने वाले थे। सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
पश्चिम सिंहभूम के डीसी अबूबकर सिद्दीक पी के निर्देश पर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। आगे जांच के लिए मृतक का बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने घटना स्थल से सल्फास की खाली शीशी बरामद की है। कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के अनुसार, राजीव कुमार सिन्हा आदित्यपुर से शुक्रवार को ट्रेन से चाईबासा आए थे। वे सुबह 10 बजे अपने कार्यालय कक्ष में गए। उन्होंने करीब एक घंटे तक काम भी किया। फाइलों को डीआरडीए के डायरेक्टर को दिखाने के बाद वे डीडीसी चंद्रशेखर प्रसाद के पास गए। वहां से आने के थोड़ी देर बाद अपने चैंबर में उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं।
फोन पर सूचना मिली थी कि भाई सीरियस हैं
मेरे भाई को वेतन नहीं मिल रहा था। इस कारण वे परेशान थे। भाभी (राजीव कुमार की पत्नी) से पेमेंट नहीं मिलने की बात कही थी। उन पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा था। कार्यालय के कर्मी पाढ़ी ने फोन पर हमें सूचना दी कि भाई सीरियस हैं। आकर देखा तो मौत हो चुकी थी। वे घर से अपने साथ रोज एक बैग लेकर आते थे। आज भी बैग लाए थे, लेकिन उनका बैग नहीं मिला।'
जैसा कि संजीव कुमार सिन्हा (मृतक के भाई) ने कहा
^डीआरडीए के कर्मचारी ने ऑफिस में जहर खा लिया है। घटना के संबंध में यूडी केस दर्ज किया गया है। मृतक के परिजनों को सरकारी नियमों के तहत सहयोग किया जाएगा।' अबुबकर सिद्दीक पी, डीसी
राजीव कुमार सिन्हा मृदुभाषी थे। ऐसा लगता है कि वे मानसिक अवसाद से पीड़ित थे। कर्मचारियों का पेमेंट आ गया है। जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।' चंद्रशेखर प्रसाद, डीडीसी