हादसे में कटे अंग फिर से जुड़ेंगे, आठ घंटे सुरक्षित रख जोड़े जा सकेंगे / हादसे में कटे अंग फिर से जुड़ेंगे, आठ घंटे सुरक्षित रख जोड़े जा सकेंगे

विभाग के हेड डॉ संतोष कुमार, डॉ प्रसेनजीन गोस्वामी, डॉ अमित कुमार और डॉ सचिन कुमार भी उपस्थित थे।

Jul 16, 2014, 05:30 AM IST
body parts surgery to replant
जमशेदपुर. कटे अंगों को लेकर विज्ञान ने एक और क्रांतिकारी खोज की है, जो दुर्घटना में अंग गंवा चुके लोगों के लिए वरदान साबित होगी। इसका लाभ पूर्वी सिंहभूम समेत अन्य जिलों के लोग टीएमएच में उठा सकते हैं। टीएमएच में कटे अंगों को जोड़ने की मुकम्मल व्यवस्था है। उक्त बातें प्लास्टिक एंड रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी डे के मौके पर टीएमएच में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ पंकज सिंगोड़िया ने कहीं। टीएमएच के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर सिंगोड़िया ने कहा कि प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी से अगर किसी दुर्घटना में हाथ, पांव या अंगुली कट जाए, तो उसे छह से आठ घंटे तक सुरक्षित रखकर फिर से जोड़ा जा सकता है। ऑपरेशन के कुछ ही दिन बाद कटे अंग पूर्व की तरह काम करने लगता है। इसमें मरीज को कोई परेशानी नहीं होती। इस अवसर पर विभाग के हेड डॉ संतोष कुमार, डॉ प्रसेनजीन गोस्वामी, डॉ अमित कुमार और डॉ सचिन कुमार भी उपस्थित थे।
डॉ सिंगोड़िया ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी को लेकर अब भी लोगों में गलत अवधारणा है। मरीजों की कई ऐसी समस्याएं हैं, जिसका इलाज प्लास्टिक सर्जन कर सकते हैं। लेकिन मरीज दूसरे रोग के विशेषज्ञों के पास भटकते रहते हैं। कटे होंठ, तालू, शरीर के दो अंगों का आपस में जुड़ा होना या अतिरिक्त अंगुलियों का इलाज प्लास्टिक सर्जन आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीएमएच में प्लास्टिक व रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अगर अंग कट जाए तो ये करें

दुर्घटना में आपके शरीर का कोई अंग कट कर अलग हो जाए, तो तत्काल उसे साफ मेडिकेटेड कॉटन में बांधकर एक प्लास्टिक बैग में डाल लें। इसके बाद उस बैग को अच्छी तरह से सील कर दें और फिर बर्फ से भरे प्लास्टिक बैग में डाल दें। इससे कटे हुए अंग के टिशू 6 से 8 घंटों तक सुरक्षित रह सकते हैं। इसके बाद इलाज हो जाएगा।
हादसे मामलों में ज्यादा होती है सर्जरी
डॉ सिंगोड़िया ने कहा कि झारखंड, बिहार के लोगों में यह भ्रम है कि प्लास्टिक सर्जरी का सिर्फ सुंदरता बढ़ाने के लिए ही उपयोग होता है। आंकड़ों पर गौर करें, तो सुंदरता बढ़ाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने वाले मात्र .5 फीसदी लोग हैं। 99.05 फीसदी इसका उपयोग गंभीर रूप से जले हुए, रोड एक्सीडेंट के शिकार, लिंग दोष आदि का इलाज कराने वाले लोअर मिडिल क्लास के लोग ही हैं।
शिविर में 100 से ज्यादा मरीजों की हुई जांच
प्लास्टिक व रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी डे के पर मंगलवार को टीएमएच प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से नि:शुल्क जांच शिविर लगाया गया। इसमें 100 से ज्यादा मरीजों की जांच की गई। शिविर का उदघाटन टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विसेस के वीपी सुनील भास्करन ने किया। मौके पर टाटा स्टील वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पीएन सिंह, टीएमएच मेडिकल सर्विसेस के जीएम डॉ जी रामदास सहित कई डॉक्टर मौजूद थे।
X
body parts surgery to replant

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना