पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भवन निर्माण पर रोक, सेंसेटिव जोन होने के कारण उठाया गया कदम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जमशेदपुर. वन विभाग के प्रस्ताव पर अगर जिला प्रशासन ने सहमति दे दी, तो मानगो के कई इलाकों में अब मकान का नक्शा पास नहीं होगा। दलमा इको सेंसेटिव जोन का हवाला देते हुए वन विभाग ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि दलमा से सटे इलाकों में भवन निर्माण पर वह रोक लगाए। ऐसा नहीं होने से वन जीवों को नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन ने वन विभाग के इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए उस पर विचार कर रहा है। इतना ही नहीं इन इलाकों में संचालित कई औद्योगिक इकाइयां, ईंट भट्टा व क्रशर भी बंद कर दिए जाएंगे। इस संबंध में दलमा वन्य जीव अभ्यारण इको सेंसेटिव क्षेत्र निगरानी समिति के अध्यक्ष सह कोल्हान के आयुक्त आलोक गोयल ने कहा कि दलमा हिल क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का कंक्रीट का निर्माण नहीं होगा।
आयुक्त को नक्शा सौंप चुका है वन विभाग
वन विभाग ने इको सेंसेटिव जोन के चिह्नित इलाकों का नक्शा आयुक्त को सौंप दिया है। विभाग ने जोन में आने वाले औद्योगिक इकाइयों, क्रशर और ईंट भट्टों की सूची भी सौंपी है। मानगो अधिसूचित क्षेत्र वार्ड नंबर 9 के तहत आने वाले एनएच-33 की बाएं ओर के इलाके को इको सेंसेटिव जोन के नक्शे में विभाग ने दर्शाया है। वन विभाग के अनुरोध के आलोक में एडीसी सुनील कुमार ने मानगो अक्षेस के विशेष पदाधिकारी जेपी यादव व जमशेदपुर के अंचलाधिकारी प्रभात भूषण की बैठक बुलाई है।
क्या पड़ेगा असर
वन विभाग के अनुरोध के आलोक में जिला प्रशासन ने अगर नक्शा पास करने पर पाबंदी लगा दी जाती है, तो एनएच-33 और दलमा हिल एरिया में नए मकानों का निर्माण बंद हो जाएंगा। पहले से बने मकानों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कई लोगों ने इस क्षेत्र में जमीन खरीद ली है, लेकिन मकान नहीं बनाया है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ये बस्तियां होंगी प्रभावित
कुमरूम बस्ती, कल्याण विहार, चंद्रवती नगर, दलमा इन्कलैब, सनसाइन कॉलोनी, आनंद विहार कॉलोनी, वसुंधरा स्टेट, सिदो कान्हो बस्ती, हिल व्यू कॉलोनी, गोकुल नगर, रिपीट कालोनी, मिर्जीडीह, चंद्रवती नगर, पंचवटी कालोनी, बालीगुमा आदि।
सुझाव में क्या है
वन विभाग के दलमा वन प्राणी आश्रयणी के सहायक वन संरक्षक की ओर से जिला प्रशासन को भेज गए पत्र में कहा गया है कि मानगो अक्षेस के वार्ड नंबर 9 दलमा इको सेंसेटिव जोन के तहत वर्जित क्षेत्र के दायरे में आता है। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार के वन व पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 29 मार्च 2012 को जारी अधिसूचना का भी हवाला दिया है। वन विभाग ने दलमा हिल क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के कंक्रीट के निर्माण पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
इन इकाइयों को किया चिह्नित
पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम व एमजीएम थाना क्षेत्र में पड़ने वाले एसजीआर आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड, एनटीपी लिमिटेड अलकतरा फैक्ट्री, जमुना इंडस्ट्रीज, रामता सिंह ट्रक बॉडी बिल्डर्स, नवीन इंजीनियरिंग ट्रक बॉडी बिल्डर्स, आरपीएसएल लिमिटेड( घड़ी डिटर्जन पाउडर), सत्येंद्र सिंह की आरा मशीन, रमेश साहु की आरा मशीन, सरायकेला - खरसावां के चांडिल थाना क्षेत्र में पड़ने वाले ग्लोबल इंजीनियरिंग, यमुना इंडस्ट्रीज व लार्ड बालाजी इंडस्ट्रीज। औद्योगिक इकाइयों को फिलहाल राहत है, क्योंकि वन विभाग द्वारा कंपनी बंद करने का नोटिस जारी करने के बाद सात कंपनियां झारखंड हाईकोट चली गईं हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए वन विभाग को शपथ पत्र दायर करने को कहा है। आदेश के आलोक में वन विभाग ने शपथ पत्र दायर कर दिया है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इको सेंसेटिव जोन के संबंध में जारी आदेश का पालन किया जाएगा। इस इलाके में प्रदूषण फैलने वाले कारखाने, क्रशर और ईंट भट्टा को बंद कराया जाएगा। आलोक गोयल, आयुक्त सह अध्यक्ष दलमा वन जीव अभ्यारण इको सेंसेटिव जोन निगरानी समिति
वन विभाग ने मानगो अक्षेस के वार्ड नंबर नौ ( एनएच-33 ) के बाएं ओर भवन निर्माण के लिए नक्शा नहीं पास करने का अनुरोध किया है। इसके लिए विभाग ने नक्शा भी दिया है। प्रशासन इस पर विचार कर रहा है। जल्द ही बैठक करके मामले पर फैसला ले लिया जाएगा। वन विभाग से अधिसूचना की प्रति मांगी गई है। सुनील कुमार ,एडीसी