चाईबासा/आदित्यपुर. डीआरडीए के कर्मचारी आदित्यपुर निवासी राजीव कुमार सिन्हा द्वारा की गई आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है। गुस्साए कर्मचारियों ने चाईबासा में जहां शनिवार को काम- काज ठप रखा, वहीं उपायुक्त से मिलकर डीडीसी की शिकायत भी की। सरकारी कार्यालायों में राजीव सिन्हा आत्महत्या प्रकरण पर चर्चा होती रही है।
लोगों के बीच यही सवाल कौंधता रहा कि हंसमुख व खुशमिजाज राजीव सिन्हा ने अचानक आत्महत्या क्यों कर ली। शुक्रवार को आदित्यपुर स्थित घर से भी वे अपने सहकर्मी प्रदीप पाढ़ी के साथ कार्यालय के लिए ठीक- ठाक ही निकले थे। ऑफिस पहुंचने के बाद काम- काज भी किया, लोग यह जानने की भी कोशिश करते रहे कि अंतिम समय में जब वे डीडीसी के चैंबर से निकले थे, तो दोनों के बीच कौन सी बातें हुई थी। राजीव की पत्नी इसे हत्या मान रही हैं।
ये उठ रहे सवाल
राजीव कुमार सिन्हा ने आत्महत्या क्यों की
आत्महत्या से चंद मिनट पहले डीडीसी के चैंबर में दोनों के बीच क्या बातें हुई थी
घटना के बाद पुलिस को राजीव सिन्हा का बैग क्यों नहीं मिला
राजीव सिन्हा ने आदित्यपुर से आकर कार्यालय में ही क्यों जहर खाया
राजीव सिन्हा को सल्फॉस की शीशी कहां से मिली थी
आत्महत्या से पूर्व उन्होंने सुसाइडल नोट लिखा था, वह कहां गया
घटना के बाद जिस कमरे में कर्मचारी ने सुसाइड की थी, उसे सील क्यों नहीं किया
राजीव सिन्हा के कमरे में चार कर्मचारियों की टेबल कुर्सी लगी थी।
ऐसे में वे उस कमरे में अकेले ही क्यों काम कर रहे थे
मामले की हो सीबीआई जांच : आरती सिन्हा
आदित्यपुर : मेरे पति को मारा गया है, वे ऑफिस में जहर नहीं खा सकते। मुख्यमंत्री इस मामले की जांच सीबीआई से कराएं तो दूध का दूध और पानी का पानी साबित हो जाएगा। यह मांग डीआरडीए ऑफिस के लेखा लिपिक राजीव कुमार सिन्हा उर्फ राजू की पत्नी आरती सिन्हा ने मीडिया कर्मियों के समक्ष रखीं। रो रोकर आरती सिन्हा ने कहा कि उनके पति अपने ऑफिस के एक स्टाफ का नाम लेकर बार बार हमसे चर्चा करते थे कि वह बहुत परेशान करता है। उन्होंने कई बार डीडीसी के द्वारा भी इंदिरा आवास योजना में गलत करने काे मजबूर किए जाने की चर्चा की थी।