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डाउनलोड करेंजमशेदपुर. शहर के बैंकों में 2005 से पहले के 500 और 1000 रुपए के नोट बदले जा रहे हैं। बैंकों में रोजाना पांच सौ रुपए के लगभग 200 (एक लाख रुपए) और एक हजार के 500 (पांच लाख रुपए) नोट बदले जा रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए बैंक की शाखाएं ऐसे ग्राहकों के लिए अलग काउंटर बनाने जा रही है। इन काउंटरों पर केवल 500 और 1000 रुपए के नोट बदले जाएंगे। बैंकों का कहना है कि इससे आम ग्राहकों को परेशानी नहीं होगी। इसके लिए ग्राहकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
जमा नहीं किया, तो लगाने पड़ेंगे बैंक के चक्कर
अगर आपके पास 500 और 1000 के ऐसे नोट हैं, तो इन्हें अपने पास रखें नहीं बल्कि बैंक में जमा करा दें। आरबीआई 31 मार्च 2014 तक ऐसे सभी नोट मार्केट से वापस लेना चाहती है। यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो नोट बदलने के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। आरबीआई के इस आदेश के बाद बैंकों में नोट बदलवाने वालों की हलचल नजर आने लगी है।
हर शाखा में होगा एक्सचेंज
बैंक की किसी भी शाखा में खाताधारक और गैर-खाताधारक ये नोट बदल सकते हैं। इन नोटों को एटीएम के जरिए भी अपने अकाउंट में जमा कर सकते हैं। उसके बाद ये नोट खुद-ब-खुद रिप्लेस हो जाएंगे। बैंक की शाखाएं इन नोटों को करेंसी चेस्ट भेजेंगी। करेंसी चेस्ट इन्हें इकट्ठा कर आरबीआई पहुंचाएगी। करेंसी चेस्ट में 500 और 1000 रुपए के पुराने रुपए नोट शॉर्टिंग मशीन से अलग किए जा रहे हैं, ताकि वे बैंकों और एटीएम के माध्यम से पुन: प्रचलन में न आ सके।
नोट लेने से पहले प्रिंटिंग का साल देख लें
आप बाजार में 500 और 1000 रुपए के नोट का लेन-देन कर रहे हैं, तो नोट के पीछे प्रिंटिंग का साल अवश्य देख लें। अगर नोट 2005 से पहले का है तो नहीं ले, अन्यथा आपको उसे बैंक में बदलना होगा और आपकी परेशानी बढ़ेगी।
50000 से ऊपर लगेगा पैन नंबर
यदि कोई व्यक्ति 50 हजार रुपए से अधिक रकम बदलना चाहता है, तो उसे पहचान के लिए पैन नंबर देना होगा। इसके अलावा 10 लाख रुपए से अधिक पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को बैंकों द्वारा सूचना दी जाएगी। अगर पांच या इससे अधिक नकली नोट मिलते हैं, तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सर्कुलर में ये है दिशा-निर्देश
2005 से पहले के वे नोट, जिन पर प्रिंटिंग का साल नहीं छपा है, एक अप्रैल 2014 से पहले एक्सचेंज कर लें। वे लोग, जिनका खाता है अथवा नहीं है, बैंक शाखा में जाकर इस अवधि वाले नोट एक्सचेंज करवा सकेंगे। आरबीआई ने यह भी कहा है कि एक जुलाई 2014 से 500 और 1000 रुपए के 10 नोट से ज्यादा एक्सचेंज करवाने के लिए गैर खाताधारकों को बैंकों में आईडी प्रूफ (पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, आधार कार्ड) और रेसिडेंस प्रूफ (बिजली-टेलीफोन का बिल, राशन कार्ड) देना होगा। संबंधित बैंक के खाताधारकों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा। 1 अप्रैल से 30 जून तक एक्सचेंज के लिए बैंकों में किसी तरह का पहचान-पत्र नहीं देना होगा।
बैंक की शाखाओं में साल 2005 से पहले की छपाई वाले नोट आने लगे हैं। ये नोट पुन: एटीएम और बैंकों के माध्यम से चलन में नहीं आए, इसके लिए नोट शॉर्टिंग मशीन का सहारा लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य नकली नोटों पर रोक लगाना है। दुर्गा प्रसाद मिश्र, बैंक ऑफ इंडिया
जिनके पास ऐसे नोट हैं, वे किसी भी बैंक में जाकर इन्हें बदल सकता है। ऐसे ग्राहकों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। लोगों को भी इन नोटों के लेन-देन में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। राजीव नयन सिन्हा, झारखंड ग्रामीण बैंक
2005 से पहले के 500 और 1000 रुपए के वे नोट, जिन पर प्रिंटिंग का साल नहीं छपा है, एक्सचेंज किया जा रहा है। आरबीआई के निर्देश के बाद से बैंकों में ऐसे ग्राहकों की भीड़ शुरू हो गई है। इनके लिए अलग से काउंटर बनाया जाएगा।
मदन प्रसाद, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
फिलहाल बैंक द्वारा ग्राहकों को यह सुविधा नहीं दी जा रही है। आरबीआई से इसके लिए अधिकृत रूप से सूचना नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से 30 जून तक 2005 से पहले की छपाई वाले नोट एक्सचेंज किए जाने हैं।
संजय प्रकाश, क्षेत्रीय प्रबंधक, एसबीआई
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