जमशेदपुर. विष्णु स्वरूप विश्व निर्माता भगवान विश्वकर्मा की जयंती बुधवार को शहर में धूमधाम से मनाई गई। शहर के विभिन्न संगठनों व कारखानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई। व्यापार व वैभव की कामना के साथ सभी जगहों पर विश्वकर्मा की पूजा की गई। छोटे-बड़े गैरेज, कारखानों, पंडालों व उन सभी जगहों पर जहां औजारों का उपयोग होता है, वहां वैदिक विधियों से मंत्रोच्चार कर भगवान विश्वकर्मा की स्थापना की गई। चौक-चौराहों पर दिनभर लाउड स्पीकर पर भक्ति गीत बजते रहे। सुबह में प्रतिमा की स्थापना के बाद आरती व पूजा की गई। शाम को भजन-कीर्तन हुआ।
औजार व मशीन की हुई पूजा
कारखानों में लगी मशीन व औजारों को भगवान विश्वकर्मा का स्वरूप माना जाता है। इसलिए मशीन की साफ-सफाई करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कारखानों में कार्य करने वाले लोग भी पूजा में शामिल हुए।
भोग का हुआ वितरण
भगवान विश्वकर्मा की स्थापना के बाद दोपहर में भक्तों के बीच भोग वितरण किया गया। कारखाने, फैक्ट्रियों व पंडालों में प्रसाद दिया गया। इसके साथ ही चौक-चौराहों पर संचालित गैरेज में भी खिचड़ी व फलों का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया गया।
विसर्जन आज
भगवान विश्वकर्मा की पूजा एक व तीन दिन तक करने का विधान है। श्रद्धालु अपनी इच्छा अनुसार एक या तीन दिन तक पूजन करते हुए भगवान की प्रतिमा विसर्जित करते हैं। इसलिए गुरुवार से विसर्जन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कुछ लोग तीन दिन पूजन के बाद विसर्जन करेंगे।
विश्वकर्मा समाज ने की पूजा
बाराद्वारी कुम्हार पाड़ा स्थित विश्वकर्मा भवन में श्री विश्वकर्मा समाज के तत्वावधान में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूजन किया गया। सुबह में प्रतिमा की पूजा हुई, वहीं शाम को भजन-कीर्तन व आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया।
आरवीएस में छात्रों ने की स्तुति
आरवीएस कॉलेज में बुधवार को विश्वकर्मा पूजा हुई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं समेत कॉलेज के निदेशक डॉ.एमपी सिंह व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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