पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

धुआं उठते ही काम शुरू कर देगा एफसीएस, नर्सों को दी जा रही ट्रेनिंग

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जमशेदपुर. टाटा मोटर्स अस्पताल के किसी भी कोने में आग लगने या धुआं उठते ही फायर कंट्राेल सिस्टम (एफसीएस) काम करने लगेगा। छह करोड़ रुपए की लागत से अस्पताल में रोगियों व यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है,जो स्वचालित होगी। इसे संचालित करने के लिए अस्पताल परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से सारी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। आग बुझाने के लिए अस्पताल की नर्सों व कर्मियों को फायर फाइटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि आपातकाल में वे बिना समय गंवाए किसी भी स्थिति से निपट सकें।
आपातकालीन में काम आएगा रैंप
अस्पताल के बाहर रैंप बनाया जा रहा है। लिफ्ट फेल होने या किसी आपातकालीन स्थिति में रैंप के सहारे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। भगदड़ की स्थिति में सीढ़ियों से उतरना खतरनाक हो जाता है। ऐसे में मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। रैंप बने होने से मरीज को बेड व व्हीलचेयर सहित अस्पताल से नीचे उतारा जा सकेगा।
कैसे काम करेगा सिस्टम
अस्पताल परिसर व भवन में जगह-जगह सेंसर लगाए जा रहे हैं। यह धुआं व आग को जैसे ही डिटेक्ट करेगा, अलार्म बजने लगेगा। कंट्रोल रूम में कंप्यूटर व अन्य यंत्रों के जरिए सूचना मिल जाएगी कि आग किस हिस्से में लगी है। इसके बाद वहां मौजूद कर्मी व लोगों को हटा दिया जाएगा। यहां छह लाख लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता वाला पंप हाउस है। हाई प्रेशर वाटर सिस्टम ‘हाईड्रेंट’ से प्रभावित जगह तक खुद ही पानी पहुंचने लगेगा। सूचना पाते ही फायर फाइटिंग टीम कार्रवाई शुरू कर देगी। कंट्रोल रूम में लगे कंप्यूटर मॉनिटर पर सारी गतिविधियां दिखेंगी। इस सिस्टम को टेल्को फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम काम करने लगेगी और बिना किसी नुकसान के यह आग को काबू में कर लेगी।
स्प्रिंकलर बताएगा कहां लगी आग
अस्पताल परिसर व भवन के अंदर स्प्रिंकलर लगाया जा रहा है। यह सेंसर पर आधारित सिस्टम है। यह यंत्र आग लगने व हल्का धुआं होने पर अलर्ट हो जाएगा और सूचना देने लगेगा।
इलाज के साथ फायर कंट्रोल करेंगी नर्स
अस्पताल प्रबंधन की ओर से एक अनोखी पहल की जा रही है। अब नर्स इलाज के साथ आग पर काबू पाने का काम करेंगी। अगलगी जैसी घटना से निपटने के लिए सभी स्टाफ को फायर फाइटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। फायर कंट्रोल सिस्टम का उपयोग सभी कर सकें, इस उद्देश्य से ट्रेनिंग दी जा रही है।
खास बातें
6 करोड़ रुपए से बन रहा ऑटोमेटिक फायर फाइटिंग सिस्टम
इसके लिए 6 लाख लीटर क्षमता का वाटर पंप हाउस बनाया गया
कंट्रोल रूम से दिखेंगी सारी गतिविधियां
टाटा मोटर्स फायर ब्रिगेड से जुड़ा होगा सारा सिस्टम
रेस्क्यू के लिए बाहर ही बाहर बन रहा है रैंप
नेशनल बिल्डिंग काेड के तहत अस्पताल में सारी व्यवस्था की जा रही है। यहां सारा सिस्टम ऑटोमेटिक रहेगा। आग लगने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट हो जाएगा और काम करने लगेगा। यह सिस्टम फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। फायर फाइटिंग के लिए सभी स्टाफ व नर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। एनएस कात्यान, हेड, टाटा मोटर्स सिक्यूरिटी डिपार्टमेंट
आगे की स्लाइड में देखिए तस्वीरें।