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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब फिंगर प्रिंट जरूरी, फर्जीवाड़ा होगा कम

8 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए लोगों को हस्ताक्षर के साथ अब फिंगर प्रिंट भी देना होगा। लाइसेंस बनवाने में हो रहे फर्जीवाड़ा को देखते हुए राज्य के परिवहन विभाग ने यह फैसला लिया है। अभी तक इसके लिए लोगों को आवेदन पर केवल हस्ताक्षर करना पड़ता है।

तस्वीर व हस्ताक्षर से चालक की पहचान होती है। अब फिंगर प्रिंट से चालक की पहचान की जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार, आधार कार्ड की तरह आवेदकों के दोनों हाथों के अंगूठों और सभी अंगुलियों के प्रिंट लिए जाएंगे। राज्य में यह मार्च महीने से प्रभावी होगा।

बायोमेट्रिक्समशीन की ली जाएगी मदद
फिंगर प्रिंट के लिए विभाग बॉयोमेट्रिक्स मशीन की सहायता ली जाएगी। आवेदक जब फोटो खींचवाने के लिए परिवहन कार्यालय पहुंचेगा, उसी समय उनका फिंगर प्रिंट भी लिया जाएगा। जिनका लाइसेंस पहले से बना हुआ है, उनका फिंगर प्रिंट लाइसेंस के नवीकरण के समय लिया जाएगा। यह मशीन जिला परिवहन कार्यालय में लगे कंप्यूटर के जरिए राज्य के दूसरे जिलों के परिवहन कार्यालय से जुड़े रहेंगे। सेंट्रल सर्वर की सहायता से सभी परिवहन कार्यालय एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति राज्य के किसी भी जिले के परिवहन कार्यालय से अतिरिक्त ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की कोशिश करेगा, तो तुरंत पकड़ा जाएगा।

सरायकेला में चल रहा ट्रायल
जिला परिवहन कार्यालय रांची स्थित स्टेट लेवल डाटा बेस सेंटर से जुड़ा है। हर दिन कार्यालय बंद होने के बाद जिला परिवहन कार्यालय का डाटा स्टेट लेवल डाटा बेस सेंटर को भेजा जाता है। यह सेंटर एक दिन बाद सभी डाटा नई दिल्ली स्थित नेशनल डाटा सेंटर को भेज देता है। नई व्यवस्था के तहत देश के सभी जिला परिवहन कार्यालय सीधे नेशनल डाटा बेस सेंटर से जोड़ दिए जाएंगे। इंटरनेट की सहायता से देश के सभी परिवहन कार्यालय एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। वर्तमान में इसका ट्रायल सरायकेला जिला परिवहन कार्यालय में चल रहा है। इस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन आवेदन भी जमा लिया जाएगा। नेशनल डाटा बेस सेंटर से जुडऩे के बाद एक व्यक्ति दो लाइसेंस नहीं बनावा पाएगा।

॥ ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके तहत अब आवेदकों के हस्ताक्षर के साथ उनका फ्रिंगर प्रिंट भी लिया जाएगा। मार्च से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे एक से अधिक लाइसेंस बनवाने पर रोक लगेगी।

एनएन सिन्हा, प्रधान सचिव, सूचना व तकनीक विभाग, झारखंड सरकार
एक से अधिक लाइसेंस के कई मामले सामने आए
झारखंड के बोकारो समेत देश के अन्य राज्यों में कई लोगों द्वारा एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का मामला प्रकाश में आने के बाद झारखंड का परिवहन विभाग सक्रिय हुआ है। परिवहन विभाग ऐसी व्यवस्था करने में जुटा है, जिससे एक व्यक्ति एक से ज्यादा लाइसेंस जारी नहीं करा पाए। इसी के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए फिंगर प्रिंट अनिवार्य किया जा रहा है। लाइसेंस बनवाने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए पहले आवेदन पर तीन हस्ताक्षर कराए जाते थे। इससे लाइसेंस बनवाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाती है। इसलिए, नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया।

अभी ये है व्यवस्था
वर्तमान में जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन जमा करने के साथ ही लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। लर्निंग लाइसेंस जारी किए जाने के 30 दिनों के बाद आवेदक स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करता है। इसके बाद विभाग आवेदक के वाहन चलाने की दक्षता की जांच करता है। जांच में सबकुछ सही पाए जाने के बाद आवेदक को स्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। यह व्यवस्था भविष्य में भी लागू रहेगी। केवल आवेदक को अब फिंगर प्रिंट भी देना होगा।

फर्जीवाड़ा के लिए बनवाते हैं एक से अधिक लाइसेंस
लाइसेंस पहचान स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका बैंक में एकाउंट खोलने, पासपोर्ट व आधार कार्ड बनाने सहित अन्य कई मामलों में उपयोग होता है। फर्जीवाड़ा करने वाले लोग दो या इससे अधिक लाइसेंस बना लेते हैं, ताकि किसी मामले में फंसने पर दूसरे का इस्तेमाल किसी अन्य जगह कर सकें। इसके अलावा व्यावसायिक वाहन के चालक भी ऐसा करते हैं, ताकि दुर्घटना के बाद लाइसेंस जब्त होने पर दूसरे से वे वाहन चला पाएं।