जमशेदपुर. 16 दिसंबर से शुरू हो रहे धनुर्मास (खरमास) के कारण विवाह समेत जनेऊ, मुंडन, गृह प्रवेश संस्कार आदि शुभ कार्य नहीं होंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश कुमार उपाध्याय शास्त्री ने बताया कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के कारण शुभ कार्य नहीं होते हैं। इस वर्ष 16 दिसंबर को सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेगा। इससे धनु मलमास प्रारंभ होगा, जो 15 जनवरी तक रहेगा। इस समय में किसी प्रकार के शुभ कार्य नहीं होंगे। 16 जनवरी 2015 से विवाह के शुभ मुहूर्त फिर से प्रारंभ होंगे, जो 13 जून तक चलेंगे।
नए वर्ष में विवाह की रहेगी धूम
नए साल में विवाह की धूम रहेगी। 20 अप्रैल से 13 जून के बीच 24 दिनों तक शहनाई गूंजेगी। जनवरी, मार्च और अप्रैल में भी विवाह के कई मुहूर्त हैं। 17 जून से 16 जुलाई तक अधिकमास लगेगा। 25 जुलाई को शुद्ध नवमी को विवाह होंगे, वहीं 27 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह के साथ शुभ कार्य शुरू होंगे।
2015 के शुभ मुहूर्त
जनवरी : 16,18,21,24,25 व 29
फरवरी : 8,10,15,26 व 27
मार्च : 9,10,11 व 13
अप्रैल : 21,27,28,29 व 30
मई : 2,7,9,11,14,19,20,21,24,27,28,29, 30 व 31
जून : 3,४,६,१० व 12
जुलाई : 17,22,25 व 31
अक्टूबर : 31 देवउठनी एकादशी
नवंबर : 26 व 27
दिसंबर : 7,8, 13 व 14
आषाढ़ का अधिकमास
अंग्रेजी और हिंदी महीनों में 12 माह होते हैं लेकिन विक्रम संवत् 2072 अधिकमास है। पंडित रमेश कुमार उपाध्याय शास्त्री ने बताया कि हर तीन साल में एक अधिकमास आता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस माह में दान-पुण्य, धार्मिक पूजा-पाठ आदि तो किए जा सकते हैं, लेकिन शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस बार अधिक मास आषाढ़ का होगा। इसमें अधिक मास और शुद्ध मास तीन जून से 31 जुलाई के बीच होगा। इस दौरान 17 जुलाई से गुप्त नवरात्र भी शुरू होगा, जिसमें मां भगवती की पूजा करने से 100 फीसदी लाभ मिलता है।