पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजमशेदपुर. साकची स्थित महिला थाना में इन दिनों पुरुषों की शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। शहर में संतोष कुमार, पवन कुमार, सपन मुखर्जी जैसे कई लोग हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। छोटे-छोटे विवाद को लेकर रिश्तों में दूरियां बढ़ रही है।
कुछ लोगों की समस्या है कि उनकी पत्नी सास-ससुर से अलग रहना चाहती हैं, तो किसी को संयुक्त परिवार में रहने से परेशानी है। दरकते रिश्तों को बचाने के लिए महिला थाना में गुहार लगाई गई है। साल 2012 व 2013 में दर्ज मामलों पर गौर करें, तो पति-पत्नी के बीच विवाद से जुड़े कुल 2009 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 165 मामले पुरुषों ने दर्ज कराए।
अलग घर की जिद ने बढ़ाई परेशानी
महिला थाना में दर्ज मामलों में ज्यादातर ऐसे हैं, जिनमें अलग घर बसाने की जिद के कारण पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ी। इनमें से अधिकतर जोड़ों की शादी एक-दो साल पहले ही हुई है। वर्ष 2013 में महिला थाना व वीमेन हेल्पलाइन में 1034 शिकायतें दर्ज हुईं, इनमें से लगीाग 15 प्रतिशत मामलों में दंपती को कोर्ट जाने की सलाह दी गई।
पत्नी कहती है-फंसा देगी
मैडम, पत्नी कहती हैं कि तुम शहर से दूर रहकर काम करो। ऐसा नहीं किया, तो वह परेशान करेगी। कहती है-दहेज के केस में मुझे और मेरे परिवार वालों को फंसा देगी। यह दर्द है बारीडीह निवासी संतोष कुमार का। साल 2010 में उनकी शादी मनीषा से हुई थी।
अलग रहने का बना रही है दबाव
साकची निवासी पवन की शादी डेढ़ साल पहले सपना के साथ हुई थी। बकौल पवन, सपना बात-बात पर उनके माता-पिता पर बरस पड़ती है। अलग रहने का दबाव बनाती हैं। कई बार उन्होंने समझाने की कोशिश की, लेकिन सपना उसे छोड़कर मायके चली गई है।
छोड़कर चली गई मायके
सोनारी निवासी सपन मुखर्जी की शादी एक साल पहले संगीता से हुई। पत्नी बमुश्किल दो माह ठीक से रहीं। इसके बाद परिवार से अलग रहने की रट लगाने लगीं। अब वह मायके चली गई है। कहती है-जब तक सपन माता-पिता से अलग नहीं होंगे, वह घर नहीं लौटेगी।
समाज का स्वरूप बदल रहा है। आज के युवा परिवार के बंधन में बंधकर नहीं रहना चाहते हैं। वे अपनी मर्जी से जिंदगी जीना चाहते हंै। सपनों की दुनिया में जीते हैं। इस कारण परिवार बिखरने लगता है। प्रो. सबीहा यूनिस, हेड साइकोलॉजिकल विभाग
पति-पत्नी सलाह पर अमल करें, तो झगड़े खत्म हो सकते हैं। सामाजिक परिवेश में बदलाव व आधुनिकता रिश्तों को कमजोर कर रही है। संगीता झा, अधिवक्ता
हम पहले दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करते हैं। प्यार से धमका कर। जब मामला समझने को तैयार नहीं होते तो दंपती को कोर्ट भेज देते है। ए गुडिय़ा, महिला थाना प्रभारी
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.