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चोरी के आभूषण संग तीन धराए, डेढ़ लाख रुपए के सोने के जेवरात

7 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. टाटानगर रेलवे स्टेशन पर सक्रिय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को रविवार सुबह आरपीएफ व जीआरपी ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर गिरफ्तार किया। इनके पास से 12 सितंबर को टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस से चोरी हुए डेढ़ लाख के स्वर्ण आभूषण के अलावा भारी मात्रा में मास्टर चाबी व तीन मोबाइल बरामद हुए हैं। तीनों बदमाशों से जीआरपी पूछताछ कर रही है। सोमवार को इन्हें जेल भेजा जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से धराए चोर
12 सितंबर को स्टेशन में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त बैठक हुई थी। इसमें आपसी तालमेल बनाते हुए घटनाओं पर अंकुश लगाने की रणनीति बनाई गई। आरपीएफ थानेदार दिगंजय शर्मा और जीआरपी सर्किल निरीक्षक अरविंद सिंह उर्फ लाठी सिंह ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भुक्तभोगी गम्हरिया निवासी सौरभ मुखर्जी की निशानदेही पर बदमाशों को गिरफ्तार किया।
ऐसे पकड़े गए बदमाश
स्टील एक्सप्रेस के भुक्तभोगी के साथ दोनों अधिकारियों ने शनिवार को टाटानगर स्टेशन परिसर पर अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज में दिखे हुलिये के मुताबिक आरपीएफ-जीआरपी की टीम ने रविवार को पहले टुनटुन और फिर नीतीश को धर दबोचा। इनकी निशानदेही पर बागबेड़ा गाढ़ाबासा में छापामारी कर शक्ति को गिरफ्तार किया गया। शक्ति के पास से स्टील एक्सप्रेस से चोरी हुए आभूषण बरामद किए गए।
स्टील को ही टारगेट कर आया था स्टेशन
12 सितंबर को चोरी के दो दिन बाद मामला ठंडा होने पर टुनटुन और नीतीश रविवार की सुबह स्टील एक्सप्रेस के यात्री को टारगेट करते हुए स्टेशन पहुंचे थे। लेकिन आरपीएफ और जीआरपी के पदाधिकारियों और जवानों ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्हें पकड़ने के लिए सतर्कता बरती।
इनकी हुई गिरफ्तारी
टुनटुन कुमार साह उर्फ राजन कुमार (गोविंदपुर, थाना-महेशपुर, जिला खगडिय़ा, वर्तमान पता- बागबेड़ा) नीतीश कुमार और शक्ति कुमार सिंह (गांव- बुदरा, थाना- अथमल गोला, पटना, बिहार) शामिल है। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटना को अंजाम देने में कहीं और लोगों की भूिमका तो नहीं है, इन बिंदुओं पर भी तहकीकात
की जाएगी।
यात्री बन चढ़े और अटैची को खोला

आरपीएफ थानेदार दिगंजय शर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को तीनों बदमाश यात्री बनकर ट्रेन में चढ़े थे। कुछ देर बैठने के बाद दो युवक चाय पीने की बात कहकर नीचे उतर गए और भुक्तभोगी यात्री के मन को भटकाने के बाद कुछ सेकंड में मास्टर चाबी से अटैची खोलकर उन्होंने गहने पार
कर दिया।