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सरस्वती योजना: घर आई बेटी, तो सरकार उठाएगी पढ़ाई से विवाह तक का सारा खर्च

7 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. दुर्गा पूजा के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बेटियों को तोहफा देने की तैयारी शुरू की है। राज्य सरकार ने 'लक्ष्मी लाडली योजना' की तर्ज पर 'सरस्वती योजना' को मंजूरी दी है। इसे धरातल पर उतारने के लिए श्रमायुक्त ने सभी जिलों के श्रम अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है। इस योजना की समीक्षा स्वयं श्रम मंत्री केएन त्रिपाठी कर रहे हैं।
क्या है योजना
सरस्वती योजना में एक अप्रैल 2014 के बाद जन्म लेने वाली बेटियां शामिल हो सकेंगी। राज्य सरकार निबंधित बच्ची के खाते में डाक जमा योजना के तहत पांच हजार रुपए का बीमा कराएगी। 18 साल के बाद निबंधित बच्ची को एक लाख रुपए मिलेंगे। ऐसी बच्चियों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य मजदूर तबके को बेटियों के लिए शादी का खर्च मुहैया कराना है।
किसे मिलेगा लाभ
सरस्वती योजना का लाभ भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े कामगारों की दो बच्चियों को ही मिलेगा। इसके लिए उन्हें बेटी पैदा होने पर उसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि, लक्ष्मी लाडली योजना में शामिल बच्चियां इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी।
मंत्री ने योजना के प्रचार का दिया निर्देश
सोमवार का शहर पहुंचे श्रम नियोजन मंत्री केएन त्रिपाठी ने श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सरस्वती योजना का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका लाभ लाखों लोगों को मिलेगा। लेकिन पूर्वी सिंहभूम में इसका प्रचार-प्रसार सबसे कम है।