जमशेदपुर। शहर की घनी अाबादी वाला क्षेत्र है जुगसलाई। यहां की आबादी तकरीबन 50 हजार है। सरकारी स्वास्थ्य सेवा के लिए एकमात्र जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) है। केंद्र का विशाल परिसर है। बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं हैं। स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में सब कुछ है। अगर नहीं है तो मरीज अथवा उन्हें लेकर आने वाले लोगों के बैठने के लिए उपयुक्त जगह। बेहतर पर्यावरण के लिए एक भी वृक्ष नहीं है। परिसर में न हरियाली है और न मन को ताजगी देने वाले फूलों के पौधे। कहीं छांव नहीं। कोई बगीचा नहीं। यहां के मरीज और जुगसलाई की जनता सभी चाहते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हरियाली हो। मरीज और अटेंडर के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
परिसर में है पर्याप्त जगह
जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दो साल पहले उद्घाटन हुआ, तो शुरुआत में बेहद गरीब तबके के मरीज आते थे। अब बहुत बदलाव आया है। साधन संपन्न लोग भी इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने लगे हैं। सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक रोजाना डेढ़ से दो सौ की संख्या में आउटडोर मरीज आते हैं। इनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं रहती। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुली जगह पर्याप्त है।
अभी ये हैं समस्याएं
{ मरीज और अटेंडेंट के बैठने के लिए जगह नहीं
{ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं
{ पेयजल व शौचालय की कमी
{ परिसर में गंदगी, सौंदर्यीकरण का अभाव
{वाहनों के लिए पार्किंग नहीं
02एकड़ में है जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
50से अधिक डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी हैं केंद्र में
300 मरीज रोजाना आते हैं इलाज के लिए
ऐसे हो सकता है समाधान
{ सीमेंटेड बेंच बनाने में स्वास्थ्य विभाग या जुगसलाई नगरपालिका सहयोग कर सकते हैं।
{ जुगसलाई नगरपालिका एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा योजना का प्राक्कलन बनाकर टेंडर करना होगा।
{ सामाजिक या धार्मिक संस्था पहल करे, तो स्वास्थ्य केंद्र में छोटा पार्क बन सकता है।
{ सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधरोपण और उसकी देखभाल की जा सकती है।
एक साल में केंद्र की सुविधा बढ़ी हैस्वास्थ्य केंद्र में मरीज या अटेंडेंट के बैठने के लिए पर्याप्त जगह क्यों नहीं?
पिछले एक साल में सुविधाएं बढ़ी हैं। केंद्र की चहारदीवारी हुई है। पर्याप्त रोशनी के लिए एलईडी लाइट लगाई गई है। पीसीसी पथ बनाए गए हैं। बागवानी के साथ बैठने के लिए सीमेंट के बेंच बनाने की जरूरत है। गर्मी में अटेंडेंट अथवा आउटडोर मरीज को बहुत तकलीफ होती है। पौधरोपण होगा, तो गर्मी में लोगों को पेड़ की छांव मिलेगी। स्थानीय लोग भी इसकी जरूरत बताते हैं।
इस दिशा में अब तक कोई प्रयास हुआ है?
मैं महीने या दो महीने में बैठक बुलाकर आम नागरिकों से सीधा संवाद करता रहता हूं। यहां की जनता भी चाहती है कि परिसर हरा-भरा रहे। इस मसले पर जुगसलाई नगरपालिका से सहयोग लिया जाएगा। सामाजिक संगठन का साथ मिले, तो परिसर हरा-भरा होगा। जनता का सहयोग मिला, तो कुछ सोलर लाइट भी लगाई जा सकती है। गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पार्किंग शेड की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
दद के लिए आगे आएं स्थानीय लोग
जुगसलाई और बागबेड़ा के नागरिकों से अपील की है कि वे केंद्र के परिसर की खाली जगह में बागवानी कराएं। बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सी लगवाएं। कुछ सोलर लाइट लगाई जाए। जुगसलाई नगरपालिका के विशेष पदाधिकारी जगदीश यादव से बात की है।
डॉ
पीके साहू, स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी
जुगसलाई और बागबेड़ा के नागरिकों से अपील की है कि वे केंद्र के परिसर की खाली जगह में बागवानी कराएं। बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सी लगवाएं। कुछ सोलर लाइट लगाई जाए। जुगसलाई नगरपालिका के विशेष पदाधिकारी जगदीश यादव से बात की है।
डॉ पीके साहू, स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी