जमशेदपुर. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरुकता अभियान चला रही
मोबाइल वैन को नक्सली हमले के मद्देनजर बीच रास्ते से ही वापस बुलाना पड़ा। घटना गुरुवार पूर्वाह्न करीब 11.45 बजे की है। गुरुवार को मोबाइल वैन से विधिक जागरुकता शिविर चलाए जाने का अंतिम दिन था।
क्या है मामला
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार ने कहा कि गुरुवार को पटमदा के कुईयानी गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाना था। इसके लिए पूर्वाह्न 11.30 बजे जमशेदपुर से आठ सदस्यों के साथ मोबाइल वैन रवाना की गई। मोबाइल वैन के साथ पुलिस कर्मी, अधिवक्ता और पारा लीगल वॉलेंटियर्स के कई सदस्य भी थे। लेकिन, पगदा से पांच किलोमीटर अंदर जाते ही मोबाइल वैन को रोकना पड़ा।
सूचना मिली कि 17 से 20 नक्सली मोबाइल वैन पर हमला करने की फिराक में हैं। फौरन इसकी जानकारी एसएसपी एवी होमकर और जिले के प्रधान न्यायाधीश अनंत विजय सिंह को दी गई। प्रधान न्यायाधीश के निर्देश पर मोबाइल वैन को कुईयानी गांव के बजाए घाटशिला भेज दिया गया।
12 दिनों में काफी उपलब्धि
राजेश कुमार ने बताया कि पिछले 12 दिनों की मोबाइल विधिक जागरूकता शिविर में काफी उपलब्धि मिली है। आज भी गांव के लोगों में कानून की जानकारी नहीं है। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों के बीच स्कूल में शिक्षक की कमी, वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन की समस्या काफी है। कई मामलों को इन 12 दिनों में सुलझाया गया।
कल लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में 14 फरवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी। इसमें बैंक के सार्टिफिकेट केस व एनआईएक्ट के मामलों का निष्पादन किया जाएगा। इसके लिए छह बेंच की व्यवस्था होगी।