जमशेदपुर. मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस में बदमाशों ने नशा खिलाकर नौ यात्रियों के साथ लूट-पाट की। सभी यात्री एस-7 कोच में सफर कर रहे थे। घटना गोंदिया स्टेशन के पास की है। घायल यात्रियों को सोमवार की सुबह टाटानगर रेल प्रशासन द्वारा बेहोशी की हालत में उतारा गया। यात्रियों को रेलवे अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उन्हें एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीडि़तों में सोनारी निवासी सोमक मुखर्जी भी शामिल हैं। वे मुंबई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। अन्य यात्रियों को हावड़ा जाना था।
पहले की दोस्ती, फिर खाया हमारा खाना : यात्री
पीड़ित यात्रियों ने रेल पुलिस को बताया कि अपराधी चार की संख्या में थे। वे लोग मुंबई से ही उनके कोच में चढ़े थे। सफर शुरू होने के कुछ देर बाद वे अलग-अलग जगह जाकर बैठ गए और इधर-उधर की बातें करने लगे। इसी बीच उनकी दोस्ती हो गई। अपराधियों ने पीडि़तों के साथ उनका खाना भी खाया। बाद में उन्होंने कोल्ड ड्रिंक का ऑफर किया। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद क्या हुआ, कुछ पता नहीं चल पाया।
ये हुए शिकार
तापस पाल, राहुल घोल (हुगली), बबन बेहरा (कोलकाता), सोमनाथ मुखर्जी, एच मिर्जा, मृत्युंजय मल्लिक (मेदनीपुर), सोमक मुखर्जी, बेनी माधव दत्ता (मुंबई), पीयूष सरकार (वर्द्धमान)
तीन लाख की हुई लूट
अपराधियों ने मौके का फायदा उठाते हुए नौ यात्रियों के जेवरात, नकद,
मोबाइल व अन्य कीमती सामान बदमाश अपने साथ ले गए। रेल पुलिस के अनुसार करीब तीन लाख की लूट हुई है।
गोंदिया स्टेशन के पास गीतांजलि एक्सप्रेस में नौ यात्री नशाखुरानी गिरोह के शिकार बने हैं। सबको एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी के सामान व नगद मिलाकर कुल तीन लाख की लूट की गई है। यात्रियों को बयान ले लिया गया है। गोंदिया रेल पुलिस को मामला रेफर किया जाएगा। महातीम राम, प्रभारी थाना प्रभारी, जीआरपी टाटानगर
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से गीतांजलि एक्सप्रेस में चार युवक चढ़े थे। मेरी टिकट वेटिंग लिस्ट में थी। उन्होंने बैठने की जगह दी। फिर दोस्ती हो गई। उन्होंने रात को मुझे जबरन नींद से जगाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाई। उसके बाद कुछ याद नहीं। मेरे पास बैग में 27 हजार नकद, दो कान की बाली, चेन समेत जरूरी दस्तावेज थे, जिसे बदमाश साथ ले गए। बेनी माधव दत्ता, भुक्तभोगी, यात्री
बदमाश मेरे पास रखे नकद 15 हजार रुपए और मोबाइल ले गए। देखने से लगा ही नहीं कि वे ऐसी घटना को अंजाम देंगे। दोस्ती में अपना नंबर भी दिया था। अब वह नंबर नहीं लग रहा है। मजदूरी के पैसे थे। दुर्गापूजा में घर घूमने आ रहा था। राहुल घोल, यात्री