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डाउनलोड करेंजमशेदपुर. जिले में मतदाताओं का पहचान पत्र बनाने में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती गई है। ये मामले इसके उदाहरण हैं। साकची के अमरेंद्र कुमार की उम्र 25 वर्ष है, लेकिन उन्हें मिले पहचान पत्र में उनकी उम्र 52 वर्ष दर्ज है। अमरेंद्र ने बताया कि उन्होंने मतदाता पहचान पत्र फॉर्म भरने में पूरी सावधानी बरती थी, लेकिन जिला निर्वाचन विभाग के अधिकारियों की गलती की वजह से उन्हें अपने वोटर कार्ड में सुधार करवाना होगा। मतदाता पहचान पत्र में ऐसी अनेक गड़बडिय़ां हैं। सरकारी और गैर सरकारी कामों में सत्यापन के लिए पहचान पत्र की जरूरत होती है। ऐसे में कार्ड में गड़बड़ी होने से लोग काफी परेशान हैं।
ऐसे होगा सुधार
मतदाता पहचान पत्र में हुई गड़बड़ी में सुधार किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, जिला निर्वाचन शाखा, अनुमंडल निर्वाचन शाखा, बूथ लेवल ऑफिसर, शहरी क्षेत्र के मतदाता नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के साथ मतदाता को प्रपत्र-8 भरना होगा। ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। संबंधित विधानसभा के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी आवेदक को नोटिस देकर कागजात के साथ अपने कार्यालय में बुलाएंगे। यहां आवेदकों के कागजातों की जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया के 15 दिन बाद आवेदक को पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
आवेदक की गलती पर देने होंगे 25 रुपए
जांच में अगर निर्वाचन विभाग की गलती से नाम, उम्र या अन्य गड़बड़ी है, तो आवेदक को किसी तरह के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। अगर आवेदक की गलती से पहचान पत्र में गड़बड़ी हुई है, तो उन्हें सुधार के लिए 25 रुपए शुल्क देना होगा। इसके बाद कम से कम 15 दिनों के अंतराल के बाद फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
गलतियों के लिए ये जिम्मेवार
एजेंसी के ऑपरेटर डाटा इंट्री के समय गलती कर सकते हैं। लेकिन, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह बीएलओ से प्रूफ रीडिंग कराए और चेक लिस्ट बनवाए। इस स्तर पर भी गलती हो सकती है। इसके अलावा फोटो पहचान पत्र बनाने वाली कंपनी शिपमैन की कर्मचारियों की लापरवाही से भी गलती हो सकती है।
दिल्ली की कंपनी, मुंबई में बना कार्ड
झारखंड के मतदाताओं का फोटो पहचान पत्र बनाने का जिम्मा दिल्ली की शिपमैन कंपनी को सौंपा गया है, जिसका वर्कशॉप मुंबई में है। मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान जिन लोगों का नाम सूची में दर्ज किया गया था, उसकी जानकारी राज्य के हर जिला निर्वाचन शाखा ने मेल से कंपनी को भेजी थी। इसी सूचना के आधार पर फोटो पहचान पत्र बनाया गया है। अशुद्धि दूर करने की शिकायत पर जिला निर्वाचन विभाग इसे कंपनी को हर 15 दिनों के अंतराल पर मेल भेजेगा। इसके आधार पर नया फोटो पहचान पत्र बनेगा और कंपनी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को भेजेगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सहायक निर्वाचन पदाधिकारी और बीएलओ मतदाता तक पहचान पत्र पहुंचाएंगे।आवेदक की
गलती पर देने होंगे 25 रुपए
जांच में अगर निर्वाचन विभाग की गलती से नाम, उम्र या अन्य गड़बड़ी है, तो आवेदक को किसी तरह के शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। अगर आवेदक की गलती से पहचान पत्र में गड़बड़ी हुई है, तो उन्हें सुधार के लिए 25 रुपए शुल्क देना होगा। इसके बाद कम से कम 15 दिनों के अंतराल के बाद फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
जिन मतदाताओं के फोटो पहचान पत्र में गड़बड़ी है, वे आवेदन करें। प्रशासन उसमें सुधार करेगा। प्रशासनिक कारणों से अगर पहचान पत्र में गलती हुई है, तो मतदाता को शुल्क नहीं देना होगा। अगर मतदाता की गलती है, तो सुधार के लिए 25 रुपए देने होंगे। अजीत शंकर, एडीएम सह वरीय प्रभारी पदाधिकारी निर्वाचन शाखा
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