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वित्तीय अनुशासन और समाजिक रूप से संवेदनशीलता अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी

7 वर्ष पहले
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जमशेदपुर. दुनिया की मशहूर फूड कंपनी हेन्ज इंडिया की प्रबंध निदेशक (एमडी) सीमा मोदी ने कहा कि बिजनेस लीडर वित्तीय अनुशासन का पालन कर और सामाजिक रूप से संवेदनशील बनकर देश की अर्थव्यवस्था में तेजी ला सकते हैं। मोदी गुरुवार को जेवियर लेबर रिलेशन्स इन्स्टीट्यूट (एक्सएलआरआई) जमशेदपुर की ओर से मुंबई में शुरू हुए दो दिवसीय नेशनल कॉन्क्लेव सिनर्जी-14 के उदघाटन समारोह में बोल रही थीं। मोदी ने कहा कि जब हम विकास के बारे में सोचते हैं, तो सरकार की भूमिका के बारे में बात करते हैं। लेकिन यह पहला मौका है जब देश का कॉरपोरेट जगत विचार कर रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था के विकास में उनकी क्या भूमिका हो सकती है और वे क्या इसमें क्या कर सकते हैं? फिलिप्स इंडिया के प्रमुख कृष शंकर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था काफी जटिल रही है। 20-25 साल पहले तक देश के विकास में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर की अहम भूमिका होती थी, लेकिन पिछले पांच साल में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर की भूमिका कम होती गई है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि हम उन नए क्षेत्र में विकास की संभावनाएं तलाशें, जो देश की अर्थव्यवस्था की धुरी बन सकती है। एक्सएलआरआई के प्रोफेसर (स्ट्रेटजी) डॉ. मुनीश ठाकुर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से बाहर निकल रही है। देश की अर्थव्यवस्था अभी रचनात्मक दौर से गुजर रही है। ऐसे में अर्थव्यवस्था के उन सारे शेयरधारकों को मिलकर काम करना होगा, ताकि विकास को गति मिल सके। उन्होंने विकास के नए मॉडल और इनोवेशन पर जोर दिया।
पहले दिन बिजनेस डिबेट का हुआ आयोजन

सिनर्जी-14 के पहले दिन इंटर बिजनेस स्कूल डिबेट का आयोजन किया गया, जिसमें चार बिजनेस स्कूल के छात्रों ने मेक इन इंडिया थीम के पक्ष और विपक्ष में अपनी बातें रखीं।