पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • New Born Left At The Bottom Of The Truck

ट्रक के नीचे छोड़ गए नवजात को, गैर बने पालनहार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जमशेदपुर. कदमा गणेश पूजा मैदान के पास रविवार की रात 11 बजे एक बच्ची पाई गई। मेला की भीड़ खत्म होने के बाद बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोग परेशान हो गए। लोगों ने बच्चे को ढूंढने का प्रयास किया। मंगल सिंह क्लब के पास खड़े एक ट्रक के पहिए के पास झोले में 20 दिन की बच्ची पाई गई।
बच्ची को मार डालने की मंशा
मामले में प्रत्यक्षदर्शी कदमा थाना शांति समिति के सदस्य मो. सिकंदर ने बताया कि बच्ची को ट्रक के पहिए के नीचे इस तरह रखा गया था कि ट्रक के थोड़े से आगे-पीछे होते ही बच्ची दब जाती। उन्होंने आशंका जताई कि बच्ची को मार डालने की नियत से ही किसी ने उसे इस तरह छोड़ दिया था, क्योंकि बच्ची की मौत होने पर ट्रक के कर्मचारी ही दोषी करार दिए जाते।
कदमा की आयशा ने अपनाया
बच्ची मिलने की बात सुबह तक जंगल की आग की तरह फैल गई। इधर, रविवार को महिला बच्ची को लेकर दोबारा थाना पहुंची। इस बीच बच्ची को गोद लेने वालों की भी थाना में लाइन लग गई। कदमा एम-2 में रहने वाले टेंपो चालक मो.जमील और उनकी पत्नी आयशा खातून को जैसे ही मालूम चला कि कोई बच्ची को छोड़ गया है, तो दोनों कदमा थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि शादी के 20 साल बाद भी वे नि:संतान हैं। थाना में लिखित देने के बाद पुलिस ने बच्ची को आयशा को सौंप दिया। गोद में बच्ची के आते ही आयशा की आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे।
बच्ची को उठाने में डर रहे थे लोग
बच्ची ट्रक के नीचे जिस स्थिति में थी, उसे लेकर वहां मौजूद लोग उसे उठाने में भी डर रहे थे। लोगों ने बच्ची को उठाने के लिए वहां चटाई बुनने वाली एक महिला को बुलाया। महिला ने बच्ची को थैले से बाहर निकाला। इसके बाद महिला और बच्ची को लेकर गणेश पूजा समिति के सदस्य कदमा थाना पहुंचे। लेकिन, पुलिस ने बच्ची की देखरेख के लिए रातभर उसे महिला के पास रखने की ही बात कही।
कानूनी पेंच में फंसी गोद लेने की प्रक्रिया
कदमा थाना की पुलिस ने मो. जमील व आयशा को बच्ची ले जाने की इजाजत दे दी। साथ ही न्यू बाराद्वारी स्थित मदर टेरेसा चाइल्ड होम से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने को कहा। लेकिन, जब दोनों चाइल्ड होम पहुंचे। वहां किसी अनाथ को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की बात कहकर आयशा से बच्ची को ले लिया गया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन प्रभा जायसवाल ने कहा कि कानून इस तरह बच्चे को गोद लेने की छूट नहीं देता है। लेकिन, जमील व आयशा बच्ची को छोडऩे को तैयार नहीं थे। उन्होंने मानवता व ममता की दुहाई देते हुए बच्ची को उन्हें सौंपने का आग्रह किया। जब अधिकारी अपनी बात पर अड़ रहे, तो नि:संतान दंपती बच्ची के लिए गिड़गिड़ाने लगे। बच्ची के प्रति दंपती के प्रेम को देखते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य भी नरम पड़ गए।
आगे की स्लाइड में पढ़िए क्या है प्रक्रिया ।