चाईबासा. चाईबासा जेल ब्रेक की घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरा बंद था। कैदियों के भागते समय पुलिसकर्मियों ने जेल का सायरन भी नहीं बजाया था। घटना के करीब 19 घंटे बाद शुरू हुई जांच में यह बातें सामने अाई हैं। बुधवार सुबह 11.30 बजे जेल आईजी शैलेंद्र भूषण चाईबासा मंडल कारा पहुंचे। उनके साथ जेल के एआईजी तुषार रंजन व जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल की ओलिवा ग्रेस कुल्लू भी थीं।
अधिकारियाें ने जेल अधीक्षक भागीरथी कारजी, जेलर साकेत बिहारी व सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की। उन्होंने एसपी नरेंद्र कुमार सिंह से घटना की जानकारी ली। मंगलवार को कई हार्डकोर नक्सली फरार हो गए थे।
चार घंटे तक चली जांच में जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठे हैं। जेल आईजी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बताया कि अभी जांच की जा रही है।
खूंखार नक्सली हैं जॉनसन व सूर्यम
मंडल कारा से भागे 15 नक्सलियों में जॉनसन उर्फ चंदर गंझू उर्फ दीपक और सूर्यम चाकी भाकपा माओवादी संगठन के खूंखार नक्सली माने जाते हैं। 4 अगस्त 2013 को सूर्यम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एक साल बाद 8 अगस्त 2012 को जॉनसन पोसैता जंगल से गिरफ्तार हुआ था।
जॉनसन पर आरोप
2002 : मनोहरपुर थाना क्षेत्र के बिटकिलसोय में दर्जनभर पुलिसकर्मियों की हत्या
2004 : बालिबा में 29 पुलिसकर्मियों की हत्या और बड़ाजामदा ओपी में लूट