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डाउनलोड करेंजमशेदपुर. भारत सरकार ने पैन कार्ड बनाने के शुल्क में वृद्धि कर दी है। अब तक कार्ड बनवाने के लिए 96 रुपए शुल्क लगता था, जिसे बढ़ाकर 105 रुपए कर दिया गया है। नई दर 16 जनवरी 2014 से प्रभावी हो गई है।
3 फरवरी से नया नियम
पैन कार्ड बनाना अब आसान नहीं होगा। अभी तक आवेदन के साथ सिर्फ परिचय और पता के लिए प्रमाणपत्र की छायाप्रति देना अनिवार्य था। तीन फरवरी से इनके साथ जन्मतिथि प्रमाणपत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) की छायाप्रति देनी होगी। यही नहीं, आवेदनकर्ता को छायाप्रति को अभिप्रमाणित करना होगा। इसके बाद टिन फेसिलिटेशन सेंटर में प्रमाणपत्र की मूल प्रति भी दिखानी होगी। उल्लेखनीय है कि अभी तक पैन कार्ड के आवेदनकर्ता को किसी प्रमाणपत्र की मूल प्रति नहीं दिखानी होती थी।
बढ़ गई है पैन कार्ड की उपयोगिता
सरकार ने कई मामले में पैन कार्ड को अनिवार्य कर दिया है, जिससे उसकी उपयोगिता बढ़ गई है। आयकर रिटर्न भरने, बैंक में 50 हजार या उससे अधिक राशि जमा करने अथवा फिक्स्ड डिपॉजिट करने, 30 लाख से अधिक की अचल संपत्ति खरीदने, विदेश यात्रा, क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन देने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य हो चुका है। फिक्स्ड डिपॉजिट पर सालाना दस हजार से अधिक ब्याज मिलने पर टीडीएस की कटौती होती है। यदि बैंक के ग्राहक को लगता है कि वह आयकर सीमा के दायरे में नहीं आता है, तो उसे फॉर्म 15जी और एच के साथ पैन कार्ड की छायाप्रति बैंक में जमा करनी होगी।
डायरेक्टरेट ऑफ इनकम टैक्स सिस्टम विभाग ने पैन कार्ड के बारे में नए दिशा निर्देश जारी किया है। यह तीन फरवरी 2014 से प्रभावी होगा। पासपोर्ट अथवा ड्राइविंग लाइसेंस ही ऐसे सर्टिफिकेट हैं, जिसकी परिचय, पता और जन्मतिथि को मान्यता है। इसके लिए और सर्टिफिकेट नहीं देने होंगे। परिचय और पता के लिए आधार कार्ड को भी मान्यता मिल गई है। कोल्हान प्रमंडल में प्रत्येक साल एक लाख से अधिक पैन कार्ड बनाए जा रहे हैं। विनोद सरायवाला, चार्टर्ड एकाउंटेंट
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