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अब ऑनलाइन पढ़ेंगे पॉलिटेक्निक छात्र, राज्य के 13 पॉलिटेक्निक जुड़ रह

6 वर्ष पहले
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जमशेदपुर। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से ही विशेषज्ञ प्रोफेसर की कमी महसूस कर रहे पॉलिटेक्निक के छात्र अब ऑनलाइन पढ़ाई से अपना कोर्स पूरा कर सकेंगे। विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग ने राज्य भर के पॉलिटेक्निक संस्थानों में एसआईटी (सेटेलाइट इंटरेक्टिव टर्मिनल) सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। राजकीय पॉलिटेक्निक आदित्यपुर में इस सिस्टम को शनिवार को इंस्टॉल किया गया है।

क्या होगा फायदा
अब राज्य के 13 पॉलिटेक्निक संस्थानों में से किसी संस्थान में किसी भी विषय की पढ़ाई होगी, तो सभी छात्र एक साथ पढ़ सकेंगे। संस्थान के एसआईटी सिस्टम भवन में लगे 50 सेमी के स्क्रीन पर छात्र राज्य भर के पॉलिटेक्निक क्लास रूम से सीधे जुड़ेंगे। स्क्रीन के साथ सारे क्लास रूम में माइक भी लगी होगी, जिससे छात्र सवाल -जवाब कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह कि अब पॉलिटेक्निक कॉलेजों के क्लास रूम में हो रही पढ़ाई पर विभाग भी नजर रख सकेगा और मुख्यालय से मॉनिटरिंग कर शिक्षा के स्तर में सुधार की पहल कर सकेगा।
क्या हो रहा था नुकसान
राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में 80 फीसदी विशेषज्ञ प्रोफेसर के पद रिक्त हैं। संस्थान द्वारा इन पदों पर अनुबंध पर विशेषज्ञ प्रोफेसरों को आमंत्रित कर किसी तरह कोर्स पूरा कराया जाता था। इससे छात्रों को अध्य्यन में शत-प्रतिशत पढ़ाई नहीं हो पाती थी। लिहाजा रिजल्ट भी अपेक्षानुरूप नहीं हो पाता था।

यहां लगेगा सिस्टम
राजकीय पॉलिटेक्निक : आदित्यपुर, खरसावां, निरसा, धनबाद, बोकारो, भागा, खुंडरी, कोडरमा, रांची, लातेहार व दुमका। महिला पॉलिटेक्निक : गम्हरिया, बोकारो, रांची।

पढ़ाई में होगा फायदा
सेटेलाइट इंटरेक्टिव टर्मिनल सिस्टम से राज्य भर के सारे पॉलिटेक्निक कॉलेज के क्लास रूम आपस में जुड़ जाएंगे। छात्र अपने विषय के अनुरूप राज्य के दूसरे संस्थान में चल रहे क्लास रूम पढ़ाई का लाभ ले सकेंगे। साथ ही विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग भी क्लास रूम की मॉनिटरिंग करेगा। इसके कई फायदे होंगे। मेरे ख्याल से विभाग का यह कदम सराहनीय है।
प्रो एसके महतो, प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक आदित्यपुर।