जमशेदपुर. अर्थव्यवस्था में आई तेजी का असर जेवियर लेबर रिलेशन्स इंस्टीट्यूट (एक्सएलआरआई) जमशेदपुर के कैंपस रिक्रूटमेंट प्रोग्राम (सीआरपी-15) पर भी दिख रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह में सीआरपी का आयोजन होने जा रहा है। दुनियाभर की बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने यहां के छात्रों को लॉक करने के लिए पीपीटी (प्री प्लेसमेंट टॉक) करना शुरू कर दिया है। विभिन्न कंपनियों ने 30 छात्रों को प्री प्लेसमेंट ऑफर (पीपीओ) दिया है। वैसे इसमें से कई छात्रों ने अभी पीपीओ को स्वीकार नहीं किया है और दूसरी कंपनियों के लिए अपना विकल्प खुला रखा है।
संस्थान के प्लेसमेंट सेल के मुताबिक अर्थव्यवस्था में आई तेजी से उत्साहित उद्योग जगत से इस साल संस्थान को बेहतर प्लेसमेंट की उम्मीद है। पिछले साल मुश्किल समय में भी संस्थान के 79 छात्रों को सीआरपी के पहले पीपीओ मिला था। अभी कंपनियों का पीपीटी शुरू ही हुआ है, लेकिन आईआईएम और आईआईटी में जिस तरह से बेहतर प्लेसमेंट हुआ है, उससे एक्सएलआरआई का प्लेसमेंट और बेहतर होने की संभावना है।
प्लेसमेंट में भाग लेने वाली मशहूर कंपनियां
अवीवा, एक्सिस बैंक, भारती एक्स, सिटी बैंक, डौचे बैंक, गोल्डमैन सैक्स, एचडीएफसी, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई (बैंक और फाइनांस), एशियन पेंट्स, कैस्ट्रॉल,
कोका कोला, कोलगेट पामोलिव, जीएसके, आईटीसी, जॉनसन एंड जॉनसन, लॉरियल, नेस्ले, प्रोक्टर एंड गैम्बल, पेप्सी, रेकेट बेन्साइजर, यूनिलीवर (एफएमसीजी), डॉ. रेड्डी, रेनबैक्सी, बायोक्सेल (फार्मास्युटिकल्स), सेट इंडिया, स्टार टीवी (मीडिया), एक्सेन्चर, कॉग्निजेंट, डॉयट, केपीएमजी, मैकेंजी, प्राइसवाटरहाउस कूपर्स, बोस्टन कंसल्टिंग, हे ग्रुप (कंसल्टिंग)।
245 छात्रों को 254 ऑफर मिले
पिछले साल संस्थान के 245 छात्रों को 254 ऑफर मिले थे। साढ़े तीन दिन में ही संस्थान के सारे छात्र लॉक हो गए थे। इस साल बैच साइज 300 की है।
कंसल्टेंसी सेक्टर से ज्यादा ऑफर
एक्सएलआरआई में फाइनांस के साथ कंसल्टेंसी कंपनियों की ओर से सर्वाधिक ऑफर मिल रहे हैं। इसके अलावा फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) और जेनरल मैनेजमेंट कंपनियां भी कैंपस में पहुंच रही हैं।
औसत वेतन बढ़ने का अनुमान
संस्थान के फाइनल ईयर के छात्रों को इस साल बेहतर पैकेज की उम्मीद है। फाइनल ईयर के छात्र सौरभ के अनुसार शेयर बाजार के सकारात्मक रुख की वजह से बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट है। इसकी वजह से सालाना औसत वेतन में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। पिछले साल का औसत वेतन 16.25 लाख रहा था।