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डाउनलोड करेंजमशेदपुर. जिला पुलिस अजब-गजब कारनामों के कारण चर्चा में है। हाल ही में गोलमुरी पुलिस ने एक नया कारनामा कर डाला। गोलमुरी थाने में पदस्थापित एएसआई वाई तिवारी बिना सूचना दिए ही मारपीट मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार करने नई दिल्ली पहुंच गए।
आरोपी को वेस्ट विहार स्थित आवास से गिरफ्तार कर तीस हजारी कोर्ट में पेश कर तीन दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर लिया। एएसआई आरोपी को लेकर कार से जमशेदपुर के लिए निकले। मामले की जानकारी जमशेदपुर पुलिस के आला अधिकारियों को मिली, तो उन्होंने फोन पर एएसआई की क्लास ली। तब तक एएसआई आरोपी को लेकर उत्तरप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर चुके थे। आनन फानन में एएसआई आरोपी को लेकर दिल्ली लौटे। घर के पास ही सड़क पर खड़े -खड़े जमानत भी दे दी।
गोलमुरी थाना के एएसआई का कारनामा : गए थे जांच करने, कर लिया गिरफ्तार
शहर पहुंचे, ली जमानत
नई दिल्ली वेस्ट बिहार निवासी मारपीट के आरोपी मणी अहलुवालिया शुक्रवार को अपने पिता सह ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र अहलुवालिया और बहन कृतिका कौर के साथ शहर पहुंचे। उन्होंने शनिवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी निरुपण कुमार की अदालत में सरेंडर किया और जमानत ली। इसके बाद अहलुवालिया ने एएसआई की शिकायत एसएसपी एवी होमकर और गोलमुरी थाना प्रभारी से की।
घरेलू विवाद में मुकदमे का चक्कर
आरोपी मणी अहलुवालिया के मुताबिक उनकी बहन की शादी डेढ़ वर्ष पूर्व 6 अगस्त 2012 को टिनप्लेट निवासी बलबीर सिंह के बेटे तेजवीर सिंह के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ससुरालवाले बहन को प्रताडि़त करने लगे। छह माह पूर्व बहनोई तेजवीर सिंह उनकी बहन को दिल्ली छोड़ कर जमशेदपुर आ गए। इसके बाद वे बहन को ले जाने नहीं आए। 8 अगस्त, 2013 को अहलुवालिया सपरिवार जमशेदपुर स्थित बहन के ससुराल पहुंचे। लेकिन ससुरालवालों ने गाली -गलौज कर उन्हें भगा दिया। बाद में उनके खिलाफ बहनोई के पिता टिनप्लेट चौक निवासी बलबीर सिंह ने कोर्ट में उनके अलावा सुरेंद्र अहलुवालिया, रवींद्र अहलुवालिया,राजेंद्र सिंह, पवन अहलुवालिया, धर्मेंद्र सिंह और पी खन्ना के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज करा दी। कोर्ट के आदेश पर गोलमुरी में थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।
कार से पहुंचे दो सिपाहियों के साथ
मणी अहलुवालिया ने बताया कि 22 जनवरी को गोलमुरी थाना के एएसआई वाई तिवारी दो सिपाही के साथ कार से उनके घर पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार कर कार से ही जमशेदपुर निकल गए। उन्होंने इसकी जानकारी घरवालों को दी। वे रास्ते में हाईवे (उत्तरप्रदेश) के किनारे एक होटल में खाना खाने के लिए रुके। तब तक परिजनों ने इसकी जानकारी गोलमुरी थाना प्रभारी को दी। गोलमुरी थाना प्रभारी ने एएसआई की क्लास ली, तो उन्हें फिर घर के पास लाकर सड़क पर खड़े -खड़े जमानत दे दी। उनसे घरवालों को सौंपने की पर्ची पर साइन करा लिया। एसआई ने स्थानीय थाना को भी किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने खुद ही स्थानीय थाने में जाकर मामले की जानकारी दी।
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