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  • जेलब्रेक कैदियाें ने संतरी के आंखों में झोंकी पाउडर मिर्च

Prison break: आखों में मिर्ची डाल 15 कैदी फरार, दो का हुआ Encounter

7 वर्ष पहले
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(मारे गए कैदी रामविलास तांती (जमुई का प्लाटून कमांडर) व टीपा दास (सारंडा के हार्डकोर नक्सली)
चाईबासा. मंडल कारा के 15 कैदी जब जेल से निकलकर भाग रहे थे, तब पास खड़े स्कॉट पार्टी के कई जवान उनका मुंह ताक रहे थे। जब कैदी वहां से भाग कर साप्ताहिक मंगलाहाट की भीड़ में समा गए, तब जवानों को कैदियों के भागने का अहसास हुआ। इसके बाद ये जवान पिस्टल निकालकर फरार कैदियों को पकड़ने के लिए दौड़ पड़े, लेकिन तब तक कैदी काफी दूर निकल चुके थे।
एरिया कमांडर जॉनसन भी हुआ फरार
कोर्ट में पेशी के बाद मंडल कारा लौटने के बाद फरार 15 बंदियों में नक्सलियों का एरिया कमांडर जॉनसन उर्फ चंदर गंझू भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, जांच के क्रम में पुलिस अधिकारियों को पता चला है कि जॉनसन उर्फ चंदर गंझू के अलावा हार्डकोर नक्सली सुभाष गंझू, सालुका कायम, विशु बोदरा व रंधीर पात्रो को भी मंगलवार को पेशी के लिए कोट ले जाया गया था। वहीं पेशी के बाद कोर्ट से मंडल कारा लौटने के बाद ये नक्सली भी कैदी वाहन में मौजूद पुलिसकर्मियों से उलझ गए थे। अब पुलिस के समझ फरार बंदियों के साथ- साथ जॉनसन को पकड़ने की भी बड़ी चुनौती है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पंकज कंबोज के कार्यकाल के दौरान करीब ढाई साल पहले जॉनस उर्फ चंदर गंझू को मनोहरपुर थाना क्षेत्र के रोंगो गांव के पास से गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उसकी पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर मंडल कारा भेज दिया था। जरॉनसन को कोल्हान क्षेत्र का एरिया कमांडर बनाया गया था।
वाहन में ही पुलिस से उलझ पड़े कैदी

पेशी के बाद जैसे ही कैदी वाहन से जेल परिसर पहुंचे, वाहन में सवार पुलिस के जवानों के साथ उलझ गए। इसी बीच नक्सलियों ने जवानों के आंख में मिर्च का पाउडर झोंकना भी शुरू कर दिया। मिर्च का पाउडर आंख में जाते ही पुलिस कर्मी बेचैन हो उठे। माजरा समझ में आता तब तक वाहन पर सवार ज्यादातर कैदियों ने पुलिस के साथ हाथापाई भी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ नक्सलियों ने पुलिस की रायफल छीनने की कोशिश भी की। करीब दस मिनट तक कैदी पुलिस के साथ उलझते रहे, उधर मौका पाकर एक-एक कर कैदी जेल के मेन गेट से फरार होते रहे। एक- एक कर पंद्रह कैदी फरार हो चुके थे।
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