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डाउनलोड करेंजमशेदपुर. शहर के निजी स्कूलों में अप्रैल से सत्र 2014-15 की शुरुआत हो जाएगी। नए सेशन में एक बच्चे की पढ़ाई पर अभिभावकों को लगभग 26 फीसदी राशि अधिक खर्च करनी होगी। ज्यादातर स्कूलों ने इस वर्ष एडमिशन फीस में औसतन 1500 रुपए की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा पुस्तक, स्टेशनरी व यूनिफॉर्म मद में भी पिछले वर्ष के मुकाबले औसतन 1100 रुपए अधिक खर्च करने होंगे।
फरवरी-मार्च जेब पर पड़ेंगे भारी
शहर के अधिकतर निजी स्कूलों में चालू शैक्षणिक सत्र खत्म होने के कारण फरवरी में ही दो महीने (फरवरी और मार्च) की फीस ले ली जाती है। यही नहीं, फरवरी में ही इन्हें इनकम टैक्स रिटर्न जमा करना पड़ता है। टैक्स बचाने के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्र में अतिरिक्त निवेश करना पड़ता है। दूसरी ओर, मार्च में एडमिशन, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी आदि में करीब 12 से 15 हजार रुपए खर्च करना पड़ता है। इस तरह फरवरी-मार्च में मध्यम वर्गीय परिवार का बजट गड़बड़ाने की आशंका रहती है।
इंट्री प्वाइंट की फीस में 10 फीसदी बढ़ोतरी : सभी स्कूलों ने इस साल अपने इंट्री प्वाइंट की फीस में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। इससे इंट्री प्वाइंट की फीस हजार रुपए का आंकड़ा पार कर गई है। इस साल अभिभावकों को इंट्री प्वाइंट में दाखिला के लिए 18 हजार रुपए तक फीस देना पड़ रहा है।
मध्यम वर्ग के कर्मचारी के लिए बच्चे को पढ़ाना मुश्किल होता जा रहा है। एक तो महंगाई और उस पर फीस समेत पुस्तक और यूनिफॉर्म की कीमत में हो रही बढ़ोतरी से परेशानी बढ़ जाएगी। फरवरी और मार्च महीने में घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।हरेराम झा, अभिभावक
इस साल यूनिफॉर्म की कीमत में कम से कम 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। हमारी कोशिश रहती है कि हम स्कूल को कम से कम फायदे पर बेहतर क्वालिटी का यूनिफॉर्म दें। वैसे दुकानदारों की मोनोपोली ज्यादा होती है, जो एक साथ कई स्कूलों में यूनिफॉर्म सप्लाई करते है। वे यूनिफॉर्म की क्वालिटी भी नहीं देते हैं। हितेश कुमार, यूनिफॉर्म सप्लायर
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