घाटशिला(जमशेदपुर). टाटानगर-खड़गपुर रेल मार्ग पर गालूडीह रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को ट्रैकमैन की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। गालूडीह व राखामाइंस रेलवे स्टेशन के बीच टूटी ट्रैक पर स्टील एक्सप्रेस दौड़ पड़ी। खुशकिस्मती यह रही कि पटरी अलग नहीं हुई। इस तरह सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। जब ट्रेन रुकी और यात्रियों को कारण पता चला, ताे सबकी सांसें अटक गई। ट्रैक की मरम्मत कर गाड़ी को आगे बढ़ाया गया। इस दौरान सुबह छह से 8.30 बजे तक करीब ढाई घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।
1- सुबह करीब छह बजे ट्रैकमैन रजनी महतो रेल लाइन चेक कर रहा था। वे गालूडीह बराज के फाटक और केबिन के बीच खंभा संख्या 223/34 के पास पहुंचे, तो देखा कि पटरी करीब एक इंच टूटी हुई है और गैप हो गया है, फिश प्लेट भी टूटी है।
2- रजनी को पता था कि टाटानगर-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस आने वाली है। उसे नहीं रोका गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है। यह देखकर रजनी ने सीधे दौड़ लगा दी। तभी उन्हें टाटानगर स्टेशन की ओर से स्टील एक्सप्रेस आती दिखाई दी।
3- ट्रैकमैन ने लाल झंडा दिखाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की, लाल झंडा देखकर चालक ने ट्रेन रोकने की कोशिश की। लेकिन, रफ्तार इतनी तेज थी कि रोकते-रोकते चार-पांच बोगियां टूटी पटरी से गुजरकर आगे निकल गईं।
एक इंच का गैप हो गया था
रेलवे फाटक व केबिन के बीच डाउन लाइन की एक पटरी टूट गई थी। करीब एक इंच का गैप हो गया था। टाटानगर से हावड़ा के लिए स्टील एक्सप्रेस ट्रेन आती दिखाई दी। मैंने ट्रेन रोकने का प्रयास किया। हालांकि, ट्रेन की चार-पांच बोगियां टूटी पटरी से गुजर गई। गनीमत रही कि हादसा नहीं हुआ।' - रजनी महतो, लाइनमैन, गालूडीह
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