चासनाला/बलियापुर। शुक्रवार की देर रात चासनाला के मद्रासी कॉलोनी स्थित ऐतिहासिक मां शीतला मंदिर का ताला तोड़ कर चोरों ने लगभग एक लाख रुपए के जेवरात चोरी कर लिये। जेवरात मां के शृंगार के लिए था। मंदिर कॉलोनी के बीच में है।
चोरों ने चोरी करने से पहले मंदिर के आसपास के क्वार्टरों को बाहर से कुंडी चढ़ा दिया था। फिर मंदिर का ताला तोड़कर घटना को अंजाम दिया। चोरों ने कान की बाली, नाक का नथिया दान पेटी में रखे हजारों रुपए पीतल के बर्तन चोरी की।
पुजारी कृष्णा पंडित ने कॉलोनी वासियों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद पाथरडीह थाना पुलिस को सूचना दी गई। खबर पाकर पाथरडीह पुलिस घटनास्थल पहुंची। हालांकि घटनास्थल बलियापुर थाना क्षेत्र में होने के कारण एफआईआर बलियापुर थाना में की गई।
पहली घटना से अचंभित हैं लोग
मंदिर में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। जिसको लेकर खास कर मद्रासी परिवारों में मायूसी देखी जा रही है। कहा जा रहा है कि उक्त मंदिर से इस समाज का इतना लगाव है कि घटना की सूचना वैसे लोगों को भी दूरभाष पर दी गई है जो यहां से सेवानिवृत्त होकर चले गये हैं। उक्त कॉलोनी सेल की है। वार्षिकोत्सव के समय सेवानिवृत्त होकर यहां से चले गये लोग भी भाग लेने पहुंचते हैं।
कई प्रमुख मंदिरों में हो चुकी है चोरी
जिले में शक्ति मंदिर समेत विभिन्न इलाकों के दर्जनों मंदिरों में चोरी की घटनाएं घट चुकी हैं। झरिया थाना क्षेत्र के झरिया राजा की कुलदेवी नीलकंठ वासिनी मंदिर से मां के चरण की चोरी हो गई थी। राजबाड़ी के राम मंदिर के दानपेटी से चोरी हुई।
इसके अलावा पाथरडीह थाना क्षेत्र के मोहन बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के दान पेटी की चोरी हुई थी। इसके अलावा चासनाला स्थित रोलिंग मिल के संतोषी मंदिर से मां की प्रतिमा की नाक की नथिया, मांग टीका की चोरी हुई। सॉफ्ट माइन स्थित काली मंदिर से मां के शृंगार की चोरी हुई। उक्त घटनाओं का अभी तक उदभेदन नहीं हो पाया है। शहर के हीरापुर बैंकमोड़, बरवाअड्डा समेत अन्य इलाकों में चोरी की वारदातें हुई हैं।
चोरों की पुलिस कर रही है तलाश
मंदिर में चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस चिंतित है। स्पेशल टीम गठित की गई है। पुलिस टीम को छापामारी कर शीघ्र ही चोरों को गिरफ्तार करने को कहा गया है। संभवत: एक सप्ताह के भीतर गैंग का उद्भेदन हो सकता है।\\'\\' अशोककुमार तिर्की, प्रभारी डीएसपी, सिंदरी
मद्रासी समाज ने 1972 में की थी स्थापना
मां शीतला मंदिर में कई इतिहास छुपे हैं। जानकारों की मानें तो उक्त कॉलोनी में अधिकांश मद्रासी लोग रहते हैं। 1972 में उक्त समाज द्वारा मां की प्रतिमा स्थापित की गई थी। तब से कार्तिक पूर्णिमा के दिन वार्षिकोत्सव मनाया जाता है। जहां भारी भीड़ होती है। भक्तों को मां शीतला पर इतना विश्वास है कि सभी की मन्नतें पूरी होती हैं। सभी अपने सामर्थ्य के अनुसार नकदी स्वर्णाभूषण आदि दान करते हैं।