बलियापुर। मेडिकल साइंस ने भले ही तरक्की कर ली हो, पर हमारे गांव-देहात में आज भी झाड़-फूंक पर भरोसा करनेवालों की कमी नहीं है। ऐसा ही एक मामला बलियापुर में देखने को मिला। एक तांत्रिक ने मंगलवार की रात श्मशान घाट पर एक व्यक्ति की निर्वस्त्र कर पिटाई कर दी। इससे भी जी नहीं भरा, तो अपने दांतों से उसके शरीर के कई हिस्सों पर काट कर जख्म बना दिया। एक कान का आधा हिस्सा भी चबा गया।
परिजनों का सब्र टूटा, तो उन्होंने तांत्रिक का विरोध किया और उसे बंधक बना लिया। हालांकि गांव के ही एक व्यक्ति ने बाद में तांत्रिक को भगा दिया। परिजनों ने तांत्रिक की शिकायत बलियापुर थाने में की है। थाना प्रभारी
किशोर कुमार ने कहा कि तांत्रिक की तलाश की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।
''बीमार का इलाज डॉक्टर करता है, तांत्रिक नहीं। कोई ढोंगी इलाज के नाम पर ठगी कर रहा है, तो फौरन पुलिस को सूचना दें। बलियापुर वाले मामले में ढोंगी तांत्रिक की तलाश की जा रही है।'' -हेमंत टोप्पो, एसपी।
दो माह पूर्व अचानक कर दिया था अन्न-जल का त्याग : जानकारी के अनुसार, बलियापुर परसबनिया के रहने वाले मिथुन कालिंदी ने दो माह पहले खाना-पीना छोड़ रखा है। वे कुछ बोल भी नहीं पाते। सिंदरी के शहरपुरा में एक विवाह समाराेह के दौरान बैंड बाजा बजाने के बाद से ही उनका यह हाल हो गया। हालांकि दस दिनों पहले उन्होंने खाना -पीना शुरू कर दिया है, लेकिन अब भी बोल नहीं पाते। कुछ लोगों के कहने पर परिजनों ने नगदीबोआ के रहने वाले कथित तांत्रिक शनिचर डोम से संपर्क किया। इसके बाद उसकी झाड़-फूंक शुरू की गई।
गर्दन, पेट, मुंह और पूरे बदन पर बना दिए जख्म : तांत्रिक ने पीड़ित परिवार से कहा कि श्मशान घाट में सुअर की बलि देनी होगी। उसके बाद मिथुन बोलने लगेगा। परिजन उसके झांसे में गए। वह मिथुन और उसके परिजनों को परसबनिया हड़मागाड़ा श्मशान घाट ले गया। रात 11 बजे से झाड़-फूंक शुरू की। घंटों बाद भी मिथुन के मुंह से आवाज नहीं निकली, तो उसने उसकी गर्दन, पेट, मुंह आदि पर दांत से काट कर उसे लहूलुहान कर दिया। यह देख परिजन परेशान हो गए। उन्होंने तांत्रिक को ऐसा करने से रोका।
बलियापुर के परसबनिया का मामला, बीमार होने पर डॉक्टरी इलाज के बजाय कराने लगे झाड़-फूंक।
(पीड़ित मिथुन कालिंदी अपने परिजनों के साथ। )