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मनरेगा योजना की राशि फर्जी तरीके से िनकाली
मनरेगायोजना के तहत कराए गए कूप निर्माण कार्य संपन्न हुए एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लाभुकों को राशि का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि इस मद की लगभग राशि की निकासी कर ली गई है। चारों तरफ से थक हार कर लाभुकों ने बीडीओ के पास एक आवेदन देकर राशि भुगतान कराने की मांग की है। मामला बेंगाबाद प्रखंड के बदवारा पंचायत से संबंधित है।
बताया जाता है कि यहां पर मनरेगा के तहत कूप निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है। इसके बाद रािश के भुगतान के प्रक्रिया पूरी की जाने लगी। इस दरम्यान लाभुक ने राशि के भुगतान के लिए भागदौड़ करना शुरू किया तो पता चला की राशि निकासी हो चुकी है। इसके बाद लाभुक की परेशानी बढ़ गई। बीडीओ को दिए गए अपने आवेदन में लाभुक बाबूराम मांझी ने जिक्र किया है कि कूप की प्राक्कलित राशि 3 लाख 29 हजार सात सौ रुपए में लाख 22 हजार 341 रुपया हो गई है। जबकि उन्हें मात्र 1 लाख 69 हजार रुपया ही भुगतान किया गया है।
इसके अलावा लाभुक बोका हेम्ब्रम की योजना से तीन लाख एक हजार एक सौ निकासी हो गई है जबकि लाभुक को 1 लाख 10 हजार रुपए ही भुगतान मिला है। इसी प्रकार से गणेश बास्के की कूप योजना से तीन लाख एक हजार चार सौ पैंतालीस रुपए की निकासी हो गई है। जबकि लाभुक को मात्र एक लाख चालीस हजार रुपए ही मिला है। ये पैसे कहां गए इसका पता दस्तावेज की जांच के बाद ही चल पाएगा। इसी तरह सातो राय योगेन्द्र सिंह के कूप से भी अधिक राशि की निकासी की गई है। सूत्रों की मानें तो सभी काम में कमीशनखोरी स्थानीय जनप्रतिनिधि के एक रिश्तेदार के इशारे पर पंचायत में कार्यरत पूर्व मनरेगा कर्मी के द्वारा की जा रही है। अब देखना है िक अधिकारी इस मामले का खुलासा करते हैं। और फर्जी तरीके से िनकाली गई रािश की भरपराई िकस प्रकार से की जाती है। जो भी इन मामलों के उजागर होने से अटकलों का बाजार भी गर्म हो गया है।
दोषी व्यक्तियों के िखलाफ होगी कार्रवाई
^बदवारापंचायत में लाभुक को जितनी राशि का भुगतान किया गया है उससे अधिक की निकासी हो चुकी है। वर्तमान में बदवारा पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य चल रहा है। इससे मामला साफ हो जाएगा। अभिलेख से मिलान के बाद अधिक राशि की निकासी की पुष्टि होने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया की जाएगी। िकसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।^मो अनीश, बीडीओ, बेंगाबाद