मीड-डे-मील खाने से 40 बच्चे बीमार
जहरीलामिड डे मील खाने से बेंगाबाद प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मानजोरी के 40 बच्चे बीमार पड़ गए। इनका इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में चल रहा है। कुछ बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही हैं। बीमार बच्चों की उम्र ढाई से लेकर दस वर्ष तक है। स्कूल की छुट्टी से पहले बच्च ज्योंही मध्याह भोजन के रूप में दाल-चावल और बंधगोभी-आलू की सब्जी खाकर निकले की आधे घंट बाद उल्टी शुरू हो गई। इस घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
इधर, अस्पताल में इलाजरत बच्चों में आठ वर्षीय मंजू कुमारी ने बताया कि बुधवार को छुट्टी से पहले मध्याह भोजन के वितरण के बाद लगभग 20 बच्चे भोजन लेकर अपने घर ले गए थे। अन्य बच्चों ने छुट्टी से पहले स्कूल में ही बैठ कर भोजन किया। भोजन में दाल-चावल, बंधागोभी और आलू की सब्जी थी। भोजन के बाद बच्चे घर चले गए तो बच्चों ने पेट दर्द की बात कही और उल्टी-दस्त की शिकायत की। इसके बाद बच्चों को लेकर उनके परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा प्रांरभिक इलाज के बाद बच्चों को भर्ती कर लिया गया।
एमडीएम का खाना दिखाते स्कूल के बच्चे।
बीमार बच्चों के परिजनों से बात करते अिधकारी।
अस्पताल में मची अफरातफरी।
स्कूल की शिक्षिका रोशनी देवी ने कहा कि ये बच्चे मीड-डे-मील खाने से बीमार नहीं हुए हैं। बल्कि कोई और दिक्कत बच्चों को होगी। मीड-डे-मील तैयार होने के बाद रसोईया झगसी देवी ने सबसे पहले भोजन किया। उसके बाद ही बच्चों को दिया। इससे जाहिर है कि भोजन में कोई जहर नहीं मिला हुआ था।
भोजन में मिला सफेद कैप्सूल का टुकड़ा
अस्पतालमें इलाजरत बच्चों के परिजनों में मंगरू पंडित, लाछो साव, अर्जुन पंडित, खूबलाल गोस्वामी, भीम पंडित, अर्जुन पंडित आदि बताया कि उनके बच्चे भोजन लेकर घर चले गए थे। बच्चों ने भोजन करने के क्रम में खाने में सफेद रंग का कैप्सूल का टुकड़ा देखा था। लेकिन बच्चों ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन।
सदर अस्पताल में इस तरह भर्ती किया गया बीमार बच्चों को।