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कोल इंडिया के निजीकरण का विरोध

7 वर्ष पहले
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संसदमें कोल इंडिया के निजीकरण का बिल लाने के विरुद्ध बेरमो कोयलांचल में उबाल आना शुरू हो गया है। भामसं से संबंध सीसीएल सीकेएस सचिव रविंद्र मिश्रा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह से कोल माइंस का आवंटन होने से कोयला उद्योग नीजि हाथों में चला जाएगा। सरकार स्वयं खदान चलाए अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। मौके पर श्रीकांत, सुरेंद्र, कुंजबिहारी, सुरेश, भादो, ललन, देवकी, विकास, उज्ज्वल, नवीन, संतन, सुरेंद्र गिरि, कुलदीप, बुधन प्रसाद नोनिया सहित कई लोग मौजूद थे।

दो घंटे तक किया गया सड़क जाम

कथारा। केंद्र सरकार द्वारा संसद में निजीकरण बिल लाए जाने के विरोध में एनसीओईए सीटू द्वारा जारंगडीह मुख्य सड़क को दो घंटे के लिए जाम किया गया। मौके पर सीटू नेता भागीरथ शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह काला अध्यादेश का बिल लाया गया है जाे कोल इंडिया मजदूरों के खिलाफ है। दो घंटे के बाद जाम हटा लिया गया तब जाकर परिचालन सामान्य हुआ। मौके पर एसपी दिनकर, अख्तर खान, पीके विश्वास, कमलेश गुप्ता, सचिन कुमार आदि लोगों ने अपने विचार रखे। मौके पर दर्जनों लोग शामिल हुए।

दुगदा में काले झंडे के साथ प्रदर्शन

दुगदा।संसद में कोल इंडिया के निजीकरण का बिल लाने के विरुद्ध बिहार कोलियरी कामगार यूनियन ने दुगदा कोलवाशरी के मुख्य द्वार पर काले झंडे के साथ प्रदर्शन किया। यहां बैजनाथ केवट ने कहा कि संसद में निजीकरण बिल पास होने से देश का कोयला उद्योग निजी मालिकों के हाथों में चला जाएगा। बंद खदानों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाया जा रहा है। आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा डीजीएमएस के नियमों का घोर उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोल उद्योग के निजीकरण बिल संसद वापस नहीं लेती तो कोयला मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। मौके पर कदम मांझी, बुधन मांझी, धीरन साव, बुधन तुरी, बॉबी देवी, सियाराम मांझी, गंगा साव, सोमरी देवी, मानकी साव आदि ने संबोधित किया।

विरोध प्रदर्शन करते यूनियन के केंद्रीय सचिव केवट।