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एसओपी ने किया फर्जीवाड़ा करने वालों पर मामला दर्ज

7 वर्ष पहले
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> यूडीसी क्लर्क की भूमिका थी संदिग्ध

भास्करन्यूज| बेरमो

सीसीएलढोरी प्रक्षेत्र के रीजनल अस्पताल ढोरी में एंबुलेंस खलासी के पद पर कार्यरत स्व नथुनी नोनिया की प|ी लक्ष्मीनिया देवी के नाम पर गलत ढंग से दुरपतिया देवी द्वारा ग्रेच्युटी तथा लाइफ कवर की राशि 2 लाख 77 हजार 300 रुपए सीसीएल से हड़पने के मामले में छह वर्ष बाद ढोरी एरिया के एसओपी एके सिंह ने तीन लोगों पर बेरमो थाना में मामला दर्ज कराया है।

उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाकर लक्ष्मीनिया देवी के नाम पर पैसा निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सुभाषनगर निवासी दुरपतिया देवी उसके पुत्र रमेश कुमार सहित तत्कालीन क्लर्क ओपी सिंह पर बेरमो थाना में कांड संख्या 174/14 के तहत मामला दर्ज कराया है। इसमें आरोप है कि दुरपतिया कामीन ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर स्वयं लक्ष्मीनिया देवी बनकर तथा पंजाब नेशनल बैंक फुसरो बेरमो में गलत खाता खोलकर सीसीएल से प्रदत्त ग्रेच्युटी तथा लाईफ कवर राशि की निकासी कर ली।

क्या कहते हैं एसओपी

इसमामले की शिकायत मिलने पर निगरानी के माध्यम से जांच कराया गया। इधर फर्जी लक्ष्मीनिया कामीन (जो वास्तव में दुरपतिया है) द्वारा तथा उसके पुत्र रमेश कुमार द्वारा लगातार नौकरी तथा सीएमपीएफ पेंशन की मांग की जा रही थी। निगरानी जांच से स्पष्ट हो गया कि दुरपतिया उसके पुत्र रमेश तथा यूडीसी क्लर्क ओपी सिंह (अब सेवानिवृत्त) ने फर्जीवाड़ा करके सीसीएल के साथ धोखेबाजी की है।

कई लोगों की भूमिका है संदिग्ध

इसमामले में गलत प्रमाण पत्र बनाने में सहयोग करने वाले फुसरो नगर पर्षद के तत्कालीन पदाधिकारी, वार्ड पार्षद, पैसा निकासी में सहयोग करने वाले तत्कालीन सीसीएल के पदाधिकारी, अंबेडकर कॉलोनी निवासी तत्कालीन एक सूदखोर सहित इस गलत कार्य में सहयोग करने वाले अन्य कई लोगों का नाम इसमें संदिग्ध है। संभवत: पुलिस अनुसंधान में उनके नाम इस केस में जुड़ सकते हैं।

हाईकोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

मामलावर्ष 2008 के सितंबर का है। इस मामले से संबंधित समाचार का प्रकाशन करके मामले को उजागर किया गया था। साथ ही वास्तविक लक्ष्मीनिया देवी उसके वास्तविक पुत्र रमेश कुमार ने भी आवाज लगाया था। अंतत: मामला विजिलेंस में चला गया। साथ ही हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा। विजिलेंस ने पूरी जांच पड़ताल करने के बाद हाल ही में हाईकोर्ट में अपना