राशि और सामान हड़पने में लगी हैं सेविका-सहायिका
सेविका और सहायिका का विवाद सुलझाती वार्ड पार्षद।
तू-तू, मैं-मैं से खुला भेद
सेविकासहायिका के बीच केंद्र का सामान घर ले जाने की बात को लेकर तू-तू, मैं-मैं होने लगी। आरोप प्रत्यारोप लगा कि केंद्र में पिछली बार चार बोरा चावल आया, सेविका दो बोरा घर के स्टोर में रखकर दो बोरा केंद्र में रखा, तो सहायिका उसे उठाकर अपने घर ले गई। दो दरियां आईं, सेविका एक दरी केंद्र में लाई एक घर पर रख ली तो सहायिका केंद्र की दरी अपने घर ले गई। स्कूल का टब बाल्टी सहायिका ले गई। सहायिका ने कहा कि सेविका 15 थालियां घर ले गई तो वह पांच थाली अपने घर ले गई।
सहायिका मुन्नी देवी ने कहा कि सीडीपीओ पर्यवेक्षिका अपना हिस्सा लेकर हर शिकायत पर चुप रहती है। हमें जब तक पाई-पाई का हिसाब नहीं मिलेगा तथा केंद्र में आने वाला सारा सामान राशन केंद्र में मौजूद नहीं रहेगा, तब तक खाना नहीं बनाऊंगी। उसने कहा कि जब वह खाना बनाती है तो सेविका बच्चों को पढ़ाने की जगह पर घर चली जाती है। इधर सेविका ने कहा कि सहायिका के मन में लूट का भ्रम फैला हुआ है। यही कारण है कि बराबर विवाद खड़ा करती है। पिछले माह 21 जनवरी को एक मकान में रेडी टू ईट मौजूद रहने की संदेह में हंगामा खड़ा कर चुकी है। इसको लेकर केंद्र प्रखंड से नवंबर माह से अब तक रेडी टू ईट नहीं दिया जा रहा है। मात्र बालबाड़ी का पैसा मिल रहा है। सहायिका के केंद्र में नहीं आने के कारण खुद खाना बनाने से लेकर पढ़ाने तक का काम कर रही हैं।
सहायिका ने कहा, सीडीपीओ सुपरवाइजर अपना हिस्सा लेकर चुप बैठी है
भास्कर न्यूज | बेरमो
बेरमोप्रखंड के कारो पंचायत के 3 नंबर धौड़ा स्थित केंद्र संख्या 148 आंगनबाड़ी नर्सरी स्कूल के बच्चों के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है। यहां योजना की राशि और सामग्री के बंटवारे में सेविका सहायिका उलझी हुई हैं। भवन जर्जर है, पानी, पंखा शौचालय नहीं है। भवन की दीवार अपनी जगह छोड़ चुकी है। केंद्र की स्थिति देखने वार्ड पार्षद सुनीता पहुंची। देखा सेविका अर्चना देवी एक दर्जन बच्चों को पढ़ा रही है। सहायिका मुन्नी देवी गायब है। रजिस्टर देखा तो सहायिका का 2 फरवरी से हस्ताक्षर नहीं था। पिछले माह सहायिका 27 से 30 जनवरी तक के लिए छुट्टी का आवेदन दिया था, लेकिन बाद में उक्त तिथि में भी हाजिरी बना ली। सहायिका को फोन लगाने पर वह आई तथा कहा कि घर में शादी है, इसलिए चार-पांच दिनों से केंद्र नहीं रही है। खाना नहीं बनाने के संबंध में पूछा तो कहा कि सेविका आधा सामान घर पर रखती है। जितना खाना बनाना हो उतना ही यहां लाती है। इसलिए जब तक सेविका पूरा सामान केंद्र पर नहीं रखेगी, मैं खाना नहीं बनाऊंगी।
सीडीपीओका हाल देखिए
मामलेको लेकर सीडीपीओ को सुबह 10.30 बजे से लेकर 11 बजे तक फोन लगाया गया, उनका फोन डायवर्ट किया हुआ था। शाम को 4.05 बजे फोन लगाया पर रिसीव नहीं किया। 5.52 बजे फोन नॉट रीचेबल हो गया।