आर्थिक तंगी से आईएजी कर्मी की मौत
भदानीनगरस्थित आईएजी ग्लास फैक्ट्री के एक कर्मी की मौत आर्थिक तंगी के कारण हो गई। मृतक आर्थिक अभाव के कारण अपना इलाज नहीं कराया पाया। कर्मी के मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। फैक्ट्री बंद होने के बाद से ही आर्थिक अभाव के कारण भुखमरी की स्थिति आन पड़ी थी। इलाज के अभाव में कर्मी असमय काल के गाल में समा गया। आईएजी फैक्ट्री में फीटर पद पर कार्यरत 48 यूनिट निवासी मो. असलम (45 वर्ष) की मौत मंगलवार की सुबह चार बजे हार्ट अटैक कारण हो गई। परिजनों ने बताया कि सोमवार की शाम असलम के सीने में दर्द उठा। परिजनों ने असलम का इलाज सीसीएल के डॉक्टर एचके सिंह से कराया। मंगलवार की सुबह अचानक असलम के सीने में पुन: दर्द होने लगा। परिजनों तत्काल उसे डॉक्टर एचके सिंह के पास लाएं। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। असलम की मौत की खबर सुनते ही ग्लास फैक्ट्री क्षेत्र में मातम का माहौल उत्पन्न हो गया। असलम का अंतिम संस्कार औरंगाबाद स्थित उसके पैतृक गांव कारा में किया जाएगा। सुंदर नगर पंचायत की मुखिया शांति देवी, पंसस हसीना बेगम, शमशूल , शंभु विश्वकर्मा, भोला सहित अन्य लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त किया है।
परिजनोंका रो-रोकर है बुरा हाल : आईएजीकर्मी मो. असलम हार्ट अटैक से हुई मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मृतक अपने पीछे प|ी मुसरत आरा एवं 13 वर्ष की बच्ची आरसी सिफा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़कर गया है। पति की मौत के बाद मुसरत आरा के सर पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। जहां एक ओर आर्थिक मंदी के कारण परिवार फांकाकशी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर था। वहीं एक मात्र सहारा पति असलम भी उसे छोड़कर चला गया। पुत्री आरसी सिफा के सामने तो पूरी जिंदगी बाकी है। सिफा पथराई आंखों से अपने अब्बा के शव को निहारती रही। इतनी कम उम्र में पिता का साया उसके सर से उठ जाएगा उसने कभी जिंदगी में नहीं सोचा होगा।