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परिवहन भत्ता को ले लेखापाल और कनीय अभियंता में झड़प
मजदूरी को ले अनिश्चित कालीन धरना शुरू
मनरेगायोजना के तहत कार्य पूर्ण करने के बाद भी मजदूरी भुगतान नहीं होने पर बिरनी प्रखण्ड मुख्यालय में दर्जनों मजदूर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। मंगलवार से अनशन पर बैठे मनरेगा मजदूरों का यह अनिश्चित कालीन अनशन है। दो वर्षों से मजदूरी भुगतान नहीं होने से बाध्य होकर अनशन पर बैठे बरहमसिया पंचायत के विष्णुदेव प्रसाद वर्मा, जटाडीह के कैलाश महतो, धुज्जी के आजम अंसारी, जागेश्वर वर्मा, खरटी के लखन वर्मा, द्वारिका वर्मा, किशोर राय, झांझ के विनय राय, सुकदेव राम बरहमसिया, सुकदेव राम, पुरन महतो, जगदीश सिंह, मुंशी साव आदि दर्जनों मजदूरों का आरोप है कि मनरेगा योजना के तहत कूृप निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कूप का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन मजदूरी और सामग्री भुगतान नहीं किया जा रहा है।
^टीए भुगतान की बात सत्य है। लेकिन कनीय अभियंता सरिया और बिरनी में अतिरिक्त प्रभार पर हैं। रिपोर्ट में एक दिन में तीन प्रखण्ड में इंधन भत्ता की मांग की गई है। विभाग की ओर से टीए का इंधन भत्ता भुगतान करने का स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है। इन्हीं कारणों से टीए भुगतान नहीं किया जा रहा है। ^उमा भदानी,लेखापाल,बिरनी
क्या कहते है लेखा पाल
सूचना नहीं
बिरनीबीडीओ कुमार ने इस संबंध में कहा कि कौन आमरण अनशन पर बैठ रहा है, क्या मामला है। इसकी सूचना नहीं है। रही बात मजदूरी भुगतान की तो इस मामले पर बात की जाएगी।
बीपीओ पर आरोप
अनशनकारियोंने कहा कि मजदूरी भुगतान करने के लिए कई माह से प्रखण्ड का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लेकिन मनरेगा के बीपीओ द्वारा रोब जमाते हुए टालने का काम किया जा रहा है।
अनशन पर बैठे मनेरगा मजदूर।