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हरित क्रांति बना सपना अधिकारी भर रहे जेब

6 वर्ष पहले
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राज्यसे लेकर केन्द्र तक की सरकार देश में हरित क्रान्ति लाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है। इसके लिए कई तरह की महत्वकांक्षी योजना गांव कस्बों में चलाई जा रही है। लेकिन किसानों को लाभ के बजाय पदाधिकारियों और चन्द दलालों के कारण गरीब किसानों के साथ जमकर मुद्रा मोचन किया जा रहा है। यह खेल सब्सिडी के नाम पर खेला जा रहा है। हरित क्रन्ति योजना के तहत मिलने वाला डीजल पम्प मशीन, सिंचाई मशीन, होण्डा सेट में सब्सिडी के जगह पर बाजार से अधिक दाम में किसानों को मशीन दिया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि यह सब प्रखण्ड से लेकर जिला पदाधिकारी के जानकारी में हो रहा है लेकिन कार्रवाई नही हो पा रहा है।

जिला कृषि विकास का कार्यालय।

चिह्नित दुकान से ही है खरीदारी की विवशता

सब्सिडीऔर मशीन के मूल्य पर हो रहा गौरखधंधा का खुलाशा तब हुआ। जब बिरनी के दर्जनों किसानों ने भास्कर से अपनी आप कह सुनाई जिसमें भाजपा के देवनाथ राणा ने भी इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि मशीन की कीमत बाजार के हिसाब से चार पांच हजार रूपया अधिक किसानों से वसूली किया जा रहा है और सब्सिडी का लाभ मात्र दस हजार रुपया ही मिल रहा है। इसके अलावा गिरिडीह के चिन्हित कुल तीन दुकानों से ही किसानों को मशीन की खरीदारी करने पर मजबूर किया जा रहा है।

क्या है मामला

बिरनीमें इन दिनों हरित क्रान्ति योजना के तहत कुल 200 किसानों को सिंचाई के लिए छोटे बडे मशीन का वित्तरण सब्सिडी लाभ के तहत दिया जा रहा है। किसानों को मशीन की कीमत दर से दो तिहाई रकम किसानों को जमा करना पड रहा है। बाकी के एक तिहाई सरकार द्वारा सब्सिडी के नाम पर लाभ किसानों को दिया जा रहा है। लेकिन इन दिनों अजब का खेल गिरिडीह जिले में हो रहा है। बाजार के हिसाब से सिंचाई मशीन का अनुमानित कीमत 17000 रूपया है लेकिन किसानों से 22600 रूपया लिया जा रहा है। इसके एवज में किसानों को मशीन का असली बिल की जगह पर फर्जी बिल दिया जा रहा है जो गैर कानूनी है।

अारोप निराधार

^इसतरह की समस्या कुछ जगहों पर आई थी जिसका समाधान हो गया है। बिरनी प्रखण्ड में ही हर साल कुछ कुछ दिक्कतें आती रहती है। अगर मूल्य से अधिक कीमत पर मशीन दिया जा रहा है और सब्सिडी का लाभ नही मिल रहा है तो किसान अपना बैंक खाता नंबर दें। अनुदान की राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी। रही बात बिल की तो यह जाॅच का विषय है आरोप लगाना आम बात है लेकिन यह आरोप लाभुक की नही है गैर लोगों की है।\\\'\\\' विजयकुमार, जिला कृषि पदाधिकारी गिरिडीह